गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की आड़ में धर्म परिवर्तन का खेल?

गाजियाबाद। गेमिंग एप के माध्यम से मतांतरण के प्रयास के मामले में खुफिया एजेंसियों ने अंदेशा जताया है कि मतांतरण करा युवाओं को राष्ट्र के खिलाफ खड़ा करने की साजिश हो सकती है। राजनगर के छात्र के पिता ने भी आशंका जताई थी कि ब्रेन वाश कराने वाले उनके बेटे को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल कर सकते हैं। एटीएस ने भी कविनगर थाने में दर्ज केस की विवेचना से अलग अपनी छानबीन इसी बिंदु पर शुरू की है कि युवाओं का ब्रेन वाश करने की वजह क्या है।
सूत्रों की मानें तो एटीएस नोएडा की टीम मतांतरण के पीछे सक्रिय समूह की फंडिंग कहां से हो रही है, ऐसा साइबर अपराधियों को हायर कर किया जा रहा है या अपनी साइबर सेना तैयार की जा रही है, इन सवालों के जवाब ढूंढ़ने के लिए ही छात्र के लैपटॉप के साथ एटीएस ने उसका मोबाइल भी स्थानीय पुलिस से ले लिया है।
ऑनलाइन हुई ट्रेनिंग, सीखी नमाज पढ़नी
अधिकारियों ने बताया कि एपिक गेम्स की छानबीन की गई है। मतांतरण से इसका लिंक सामने नहीं आ रहा है। बाकी एप की तरह इस पर भी पर्सनल चैटिंग की सुविधा है और बद्दो की आइडी से बात करने वाले नवी मुंबई के मकसूद शाहनवाज खान ने इसी के जरिये छात्र से संपर्क किया था। छात्र ने ऑनलाइन गेम में लेवल पार करने के लिए गन व बूस्टर खरीदने के लिए 21 हजार रुपये दिए थे। गाजियाबाद पुलिस मुंबई में बद्दो के काफी करीब पहुंच गई है। बद्दो ने छात्र को ऑनलाइन ही इस्लामिक आचरण की ट्रेनिंग दी। नमाज पढ़ना सिखाया और इसका अर्थ बताया।
वाशरूम में पढ़ रहा नमाज
बद्दो ने छात्र का इस कदर ब्रेन वाश किया है कि पुलिस की काउंसलिंग और स्वजन के बार-बार समझाने पर भी छात्र घर में ही चोरी छिपे कभी कमरे में तो कभी वाशरूम में जाकर नमाज पढ़ रहा है। पुलिस ने छात्र के मोबाइल से मिले सात में से दो नंबरों पर काल किया तो एक छात्र का सहपाठी निकला और दूसरा मस्जिद के पास ठेली लगाता है।छात्र इनसे भी कुरान, हदीस व नमाज के बारे में जानकारी साझा करता था। एक माह पूर्व छात्र ने दोनों से कहा था कि वह इस्लाम कुबूल कर रहा है, जिसको लेकर दोनों ने कहा था कि यह कोई मजाक नहीं है। जामा मस्जिद के इमाम के साथ मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों से भी पूछताछ कर बयानों को सीडीआर से मैच भी किया जा रहा है।




