महाकाल का आर्शीवाद लेने पहुंचे नेपाल के पीएम प्रचंड, भेंट की नेपाली रुद्राक्ष की माला और 51000 रुपए

उज्जैन,(मध्य प्रदेश)। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्‍प कमल दहल ‘प्रचंड ने उज्‍जैन पहुंचकर भगवान श्री महाकालेश्‍वर के दर्शन किये। उन्‍होंने साथ लाए नेपाली रुद्राक्ष और 51 हजार रुपए भगवान श्री महाकाल के चरणों में अर्पित किये। मंदिर पहुंचने के पहले उन्‍होंने ई-कार्ट से महाकाल लोक का भ्रमण किया। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड शुक्रवार को इंदौर पहुंचे, जिसके बाद दोपहर 12.30 तक वे सड़क मार्ग से उज्जैन पंहुचे। मध्‍यप्रदेश के राज्यपाल मांगू भाई पटेल सुबह से ही नेपाल के पीएम की आगवानी और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने उज्जैन पहुंच चुके थे। पीएम प्रचंड के स्‍वागत में महाकाल मंदिर परिसर और गर्भ गृह में भव्‍य रूप से सजाया गया था। इसी के साथ मंत्रोच्चार कर शासकीय पुजारी ने पूजन-अर्चन करवाया।
पीएम दहल बुधवार को चार दिन की राजकीय यात्रा पर भारत आये हैं। शुक्रवार 2 जून को वे इंदौर होते हुए सड़क के रास्ते से उज्जैन आये। इंदौर एयरपोर्ट पर भारतीय संस्कृति के अनुरूप उनका भव्य स्वागत सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमिश्नर संदीप यादव, आईजी संतोष सिंह, एसपी सचिन शर्मा बीते दो दिन से व्यवस्थाओं का लेकर जुटे हुए थे। पीएम के आगमन को लेकर महाकाल मंदिर व उनके यात्रा मार्ग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
पीएम प्रचंड ने महाकालेश्वर मंदिर में अपने साथ लाए नेपाली रुद्राक्ष और 51 हजार रुपए भेंट किए। दरअसल नेपाली रुद्राक्ष सबसे उत्कृष्ट गुणवत्ता का माना जाता है। इसके ऊपर बने माउंट काफी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इसी के साथ इस पर बनने वाली लाइन एक सिरे से दूसरे सिरे तक पूरी और गहरी बनी होती है। नेपाली रुद्राक्ष के दोनों सिरों पर प्राकृतिक छिद्र बिल्कुल बीच में पाया जाता है। नेपाली रुद्राक्ष पंचमुखी छहमुखी आदि कई वैरायटी में मिलते है।
महाकाल लोक में दोपहर 1:30 बजे तक आम लोगों का प्रवेश बंद रखा गया। इसके अलावा महाकाल मंदिर में सामान्य दर्शन व्यवस्था चालू रखी गई थी, लेकिन प्रवेश व्यवस्था में फेरबदल किया गया। सामान्य दर्शन के लिए दर्शनार्थी को हरसिद्धि चौराहे से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होकर 4 नंबर गेट से प्रवेश करा विश्राम धाम व सभा मंडप में होते हुए गणपति मंडपम् में बेरिकेट से दर्शन हेतु पहुंचाया गया। और इसी रास्ते से वापस होकर दर्शनार्थियों को 5 नंबर गेट से बाहर निकाला जा रहा है।

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