श्रीरामचरितमानस अब विश्व का सबसे लंबा गीत, बनारस के जगदीश के नाम हुआ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

वाराणसी ,(उत्तर प्रदेश)। श्रीरामचरितमानस अब विश्व का सबसे लंबा गीत बन चुका है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने के साथ ही अमेरिका के नाम दर्ज ये रिकॉर्ड अब भारत के नाम हो चुका है। 138 घंटे 41 मिनट और 20 सेकेंड के श्रीरामचरितमानस गीत को काशी के डॉ. जगदीश पिल्लई ने अपनी आवाज दी है। डॉ. पिल्लई यूपी के सबसे ज्यादा यानी पांच बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बन गए हैं। यह गीत दुनिया भर के ऑडियो चैनल पर गूंज रहा है। बुधवार को आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने सुंदरपुर स्थित आवास पर पहुंचकर डॉ. जगदीश पिल्लई के गिनीज प्रमाणपत्र का लोकार्पण किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इतने लंबे गीत को खुद ही धुन देकर गाया
डॉ. मिश्र ने कहा कि हिंदी भाषी ना होने के बावजूद अवधी में इतने सुंदर एवं भावनात्मक तरीके से भजन व कीर्तन के साथ इतने लंबे गीत को खुद धुन देकर गाया और गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज कराया। ये एक सराहनीय कार्य है। डॉ. पिल्लई ने बताया कि इस काम को पूरा करने में चार साल का समय लग गया। इसके पहले यह रिकॉर्ड अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के नाम था।
श्रीरामचरितमानस गीत दुनिया भर के 100 से अधिक ऑडियो चैनल पर प्रसारित हो चुका है। इसलिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने श्री रामचरितमानस को लांगेस्ट ऑफिशियली रिलीज्ड साॅन्ग यागी आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त दुनिया के सबसे लंबे गाने के रूप में दर्ज किया है।
अब तक का सबसे लंबा गीत था 115 घंटे 45 मिनट का
अब तक का सबसे लंबा गीत 115 घंटे 45 मिनट का था जो एक दिसंबर 2021 को सेंट एल्बंस हर्टफोर्डशायर यूके में रहने वाले मार्क क्रिस्टोफर ली और द पॉकेट गॉड्स ने गाया था। उन्होंने एक ही तरह के वाद्य संगीत बजाकर इस रिकॉर्ड को हासिल किया था, मगर डॉ. जगदीश पिल्लई ने खुद धुन बनाई और 138 घंटे 41 मिनट 20 सेकंड का लंबा गीत तैयार किया। आधिकारिक तरीके से दुनिया भर में प्रसारित करके उस रिकॉर्ड को अब भारत के नाम कर दिया है।
दीपक जायसवाल को मिला गिनीज पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट
डॉ. जगदीश पिल्लई ने बताया कि 2016 से ही दुनिया के सबसे लंबे गाने के रिकॉर्ड को तोड़ने की इच्छा थी। कहा कि जब भारत में रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथ हैं तो यह रिकॉर्ड भी भारत के ही नाम होना चाहिए। अवधी भाषा में होने के कारण पहले बोलचाल और उच्चारण को समझने के लिए मित्र प्रदीप मिश्रा की मदद ली। इसके बाद रिकॉर्डिंग के लिए मित्र दीपक जायसवाल से संपर्क किया। दीपक जायसवाल को भी गिनीज पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।
गिनीज बुक में पहली बार दर्ज कराया था बनारस का नाम
डॉ. जगदीश पिल्लई ने काशी का नाम पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 2012 में दर्ज कराया था। उन्होंने सबसे कम समय में एनीमेशन मूवी बनाकर 2012 में एक कैनेडियन का रिकॉर्ड तोड़ा था। कैनेडियन ने जो काम छह घंटे में किया था, डॉ. पिल्लई ने उसे साढ़े तीन घंटे में पूरा किया। दूसरा रिकॉर्ड 16,300 पोस्टकार्ड से लांगेस्ट लाइन ऑफ पोस्टकार्ड बनाया। तीसरी बार लार्जेस्ट पोस्टर अवेयरनेस कैंपेन और चौथी बार योगा जनजागरूकता अभियान के तहत सबसे लंबा लिफाफा बनाकर अपना नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज कराया था। वैदिक विज्ञान में पीएचडी करने वाले डॉ. पिल्लई पांच सौ से ज्यादा पुस्तकों के लेखक हैं।

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