श्री धार्मिक लीला कमेटी के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 10 जून को जय श्री राम रामायण शो का होगा मंचन

नई दिल्ली। श्री धार्मिक लीला कमेटी, पुरानी दिल्ली के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कमेटी के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल, महामंत्री श्री धीरज धर गुप्ता, अभिनेता श्री पुनीत ईशर, श्री बिंदु दारा सिंह, श्री सिद्धांत ईशर एवं सुश्री शिल्पा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष अशोक गोयल आदि के साथ एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर कमेटी के शताब्दी वर्ष में जय श्री राम रामायण शो के आयोजन की घोषणा की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रामलीला कमेटी के महामंत्री धीरज धर गुप्ता ने कहा कि हमारी रामलीला न सिर्फ दिल्ली की प्रचीनतम रामलीला है बल्कि जब-जब दिल्ली में कोई संकट आया है हमारी रामलीला कमेटी ने उसमें सहयोग किया है। यह एक राजनीतिक मंच नहीं है यह एक समाजिक मंच है जो कि हमेशा लोगों की सेवा में तत्पर रहता है। हमारी रामलीला के मंचन में अनेक सरकारों के प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री एवं मुख्यमंत्री आते रहे हैं।कहा कि प्रभु श्री राम हमारे आराध्य हैं ,राम की गाथा का सही मायने में मंचन रामलीला में ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान एक हिंदू होने के नाते जहां भी भगवान श्री राम का काज होगा वहां हमारी उपस्थिति होगी। उन्होंने कहा कि 3 घंटे के मंचन में हम पूरी रामायण को देखेंगे और भगवान श्री राम के बारे में पुनीत ईशर की कल्पना को भी समझेंगे। प्रेसवार्ता के उपरांत जय श्री राम रामायण शो वीडियो की एक छोटी क्लीप भी सभी को दिखाई गई।
पुनीत ईशर ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता को पहचानने की ज़रूरत है और खासकर युवा पीढ़ी जो सांस्कृतिक रिवाजों से दूर भाग रही है उसको भी हिन्दू रीति रीवाज और सनातन धर्म के बारे में जानकारी देना जरुरी है। यह मंचन एक बेहतर और आसान जरिया बनेगा क्योंकि इसमें युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए इसकी स्क्रिप्टिंग और साउंड किये गये हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसकी वेब सीरीज भी बनाने की तैयारी चल रही है और साथ ही हम इसके तीन और भाग भी बनाने वाले हैं जिसमें एक सीता हरण, रावण बध और वैदेही का वनवास का भी भाग बनेगा।पुनीत ईशर ने सभी से जय श्री राम रामायण शो देखने का आह्वान किया और कहा कि 10 जून को इसका मंचन होना है और हमें उम्मीद है कि यह नाट्य मंचन प्रभावी होगा और इसे देखने के बाद दिल्ली के हर कोने से लोग इसको देखने की इच्छा जाहिर करेंगे। उन्होंने कहा कि नाट्य मंचन एक पूरी संस्कृति है और इसमें सबका साथ होना जरुरी है।




