सीएम अरविंद केजरीवाल के सुरक्षा दस्ते में तैनात हेड कॉन्स्टेबल की हत्या

मेरठ,(उत्तर प्रदेश)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सुरक्षा दस्ते में तैनात मेरठ निवासी हेड कॉन्स्टेबल की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार रात सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल गोपीचंद की हत्या एक तांत्रिक ने की थी। पुलिस ने तांत्रिक को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को जेल भेज दिया। एसपी का कहना है कि तांत्रिक को अब रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जाएगी।

मेरठ के पुलिस अधीक्षक देहात कमलेश बहादुर के मुताबिक सरधना थाना क्षेत्र के पोहल्ली निवासी गोपीचंद दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल था। वह दिल्ली के सीएम के सुरक्षा दस्ते में तैनात था और 26 मार्च को मेरठ से लापता हो गया था। 30 मार्च को उसकी पत्नी रेखा ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 12 अप्रैल को हस्तिनापुर में गंगा किनारे गोपीचंद की बाइक मिली थी। शुक्रवार रात में पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर दावा किया कि हेड कॉन्स्टेबल गोपीचंद की हत्या हुई है। पुलिस के अनुसार गर्दन रेतकर तांत्रिक ने ही हेड कॉन्स्टेबल को मार डाला था।
तांत्रिक ने लिए थे 7.5 लाख रुपये

बकौल पुलिस हस्तिनापुर में विदुर धाम आश्रम के बाबा गणेशानंद उर्फ गणपतलाल तांत्रिक क्रिया करता है। पूछताछ में उसने हत्या करना कबूल करते हुए खुलासा किया कि हेड कॉन्स्टेबल का विवाहेतर प्रेम-प्रसंग चल रहा था। गोपीचंद प्रेमिका से शादी करना चाहता था। इसके लिए पत्नी की हत्या करने की योजना बनाई थी। गोपीचंद तंत्र क्रिया में विश्वास करता था, इसलिए उसने तांत्रिक से तंत्र विद्या के बल पर पत्नी को मार देने की बात की। तांत्रिक ने भी पत्नी को मारने के लिए तांत्रिक क्रिया करने के लिए कई बार में करीब साढ़े चार लाख रुपये ऐंठ लिए। काफी दिन होने के बाद भी जब पत्नी नहीं मरी तो गोपीचंद तांत्रिक पर जल्द मारने के लिए दबाव बनाने लगा। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि तांत्रिक क्रिया से उसकी पत्नी नहीं मरेगी, इसलिए उसे डर था कि पत्नी के नहीं मरने पर गोपीचंद उससे रुपये वापस मांगेगा। भेद खुलने पर जेल में भी डाल सकता हैं, इसलिए उसने गोपीचंद की ही हत्या का प्लान बना लिया।

मुर्गे की बलि देने के बहाने कॉन्स्टेबल की बलि दे डाली

पूछताछ में तांत्रिक गणेशानंद उर्फ गनपत लाल ने पुलिस को बताया कि उसने वारदात वाले दिन गोपीचंद को अपने आश्रम पर यह कहकर बुलाया कि पत्नी को मारने के लिए मुर्गे की बलि देनी होगी। उसके लिए गोपीचंद का सामने होना जरूरी है। जैसे ही मुर्गे की बलि दी जाएगी वैसे ही उसकी पत्नी रेखा की भी मौत हो जाएगी। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि उसने मुर्गे के साथ गोपीचंद को भी जमीन पर लिटा दिया और कह दिया कि अगर आंख खोली को तंत्र क्रिया भंग हो जाएगी और पत्नी नहीं मरेगी। गोपीचंद ने आंख बंद कर ली। तांत्रिक ने पहले मुर्गे की बलि दी। बाद में दांव (फरसा) से गोपीचंद की गर्दन पर वार कर दिया। एक वार में गर्दन आधी कट गई। उसके बाद कई वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को गंगा में बहा दिया था। गोपीचंद का मोबाइल और बाइक की नंबर प्लेट भी तोड़कर गंगा में डाल दी थी। वारदात के बाद तांत्रिक खुद फतेहपुर चला गया। तांत्रिक मूल रूप से फतेहपुर जिले के सिमौरा गांव का रहने वाला है।
दरअसल, गोपीचंद के भाई ने पुलिस को बताया था कि वह तंत्र-मंत्र में विश्वास रखता है। तब गिरफ्तार किए गए तांत्रिक के बारे में पुलिस को पता चला कि उसके संपर्क में गोपीचंद है। जिस दिन गोपीचंद को मारा गया, उस दिन भी 90 हजार रुपये तांत्रिक के खाते में गोपीचंद ने डाले थे। एसपी देहात का कहना है कि तांत्रिक को रिमांड पर लेकर आगे और पूछताछ की जाएगी। उधर, खुद की हत्या करने की गोपीचंद की तरफ से साजिश करने की जानकारी होने पर पत्नी रेखा सकते में है। रेखा का कहना है कि वह गोपीचंद से बहुत प्यार करती थी, उसे अपने पति का किसी और से प्रेम प्रसंग की जानकारी ही नहीं है। गोपीचंद ने उसे कभी अहसास नहीं होने दिया कि वह उसकी जान का दुश्मन है।

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