ठेकेदारों के बिल पास कराने के एवज में रिश्वत लेने वाले रेलवे के दो इंजीनियरों पर गिरी गाज

आगरा,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रयागराज जोन में तैनात भ्रष्टाचार के आरोपी दो इंजीनियरों को रेलवे के जीएम ने सस्पेंड कर दिया है। मंगलवार को सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को उनकी गाजियाबाद कोर्ट में पेशी हुई थी। महाप्रबंधक (जीएम) रेलवे सतीश कुमार ने दोनों इंजीनियरों की विभागीय जांच शुरू कर दी है। दोष सिद्ध होने के बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।

सीबीआई ने आगरा में तैनात उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (डेप्यूटी सीएसटीई) मुकेश कुमार और मथुरा के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) विजय कुमार को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। दोनों इंजीनियरों ने जयपुर की फर्म शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड को अनैतिक तौर पर लाभ पहुंचाया था। रिश्वत लेकर फर्म के बिल पास कराए गए। दोनों के खिलाफ सीबीआई में अभियोजन दर्ज था। सीबीआई ने दोनों इंजीनियरों को गाजियाबाद स्थित सीबीआई के विशेष न्यायधीश प्रवेंद्र कुमार शर्मा की कोर्ट में पेश किया है।

शिवकृति इंटरनेशनल लिमिटेड फर्म के एमडी शिवदयाल शर्मा, निदेशक आदित्य कुमार ने सुपरवाइजर ब्रह्मानंद के माध्यम से पांच लाख रुपये दिए। ये रुपये दोनों इंजीनियरों को बिल पास कराने के एवज में अलग-अलग टुकड़ों में दिए थे। सीबीआई की टीम ने दोनों इंजीनियरों के बाद फर्म से जुड़े तीन अन्य को भी गिरफ्तार किया है।

इंजीनियर मुकेश कुमार और विजय कुमार की गिरफ्तारी के बाद आगरा रेल मंडल कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। कार्यालय में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों में इस कांड को लेकर कौतूहल मचा हुआ है। सीबीआई की टीम मुकेश कुमार और विजय कुमार के कार्यालयों की भी जांच करेगी। विभाग से संबंधित इंजीनियरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी।

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