उत्तर प्रदेश में दलित लड़की की बोरे में भरी मिली नग्न लाश

बिलख-बिलखकर रो रहे परिवार ने कहा- बीजेपी का समर्थन करने के कारण बेटी को मार डाला

करहल/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश से एक खौफनाक घटना सामने आयी हैं। उत्तर प्रदेश के करहल में कंजरा नदी पुल के पास एक युवा दलित महिला का नग्न शव बोरे में भरा हुआ मिला। महिला के परिवार ने हत्या के लिए प्रशांत यादव नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया है और कहा कि अपराध के पीछे राजनीतिक मकसद है। पुलिस ने बताया कि प्रशांत और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि उपचुनाव के मतदान के दिन मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र में 23 वर्षीय लड़की का शव मिला। पुलिस के अनुसार, पीड़िता दो दिनों से लापता थी। बुधवार को करहल क्षेत्र में एक बोरे में उसका शव मिला। मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने मीडिया को बताया कि पीड़िता के परिवार ने अपराध के पीछे राजनीतिक मकसद होने का आरोप लगाया है।
पीड़िता के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि हत्या से पहले महिला के साथ बलात्कार किया गया था। परिवार ने दावा किया कि महिला ने करहल उपचुनाव में भाजपा को वोट देने की इच्छा जताई थी, जिससे प्रशांत नाराज हो गया था। प्रशांत ने कथित तौर पर महिला को समाजवादी पार्टी को वोट न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
परिवार के अनुसार, 19 नवंबर को धमकियां दी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 19 नवंबर को दो संदिग्ध महिला को बाइक पर ले गए थे। बुधवार को उसका शव बोरे में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि 23 वर्षीय युवती कल रात करहल से लापता हो गई थी। कुमार ने बताया, “आज सुबह उसका शव बरामद हुआ। उसके पिता ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इनमें से एक प्रशांत यादव और दूसरा मोहन कठेरिया है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।” मैनपुरी जिले में पड़ने वाले करहल में बुधवार को मतदान हुआ।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण यह सीट खाली हो गई थी। 1993 से समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इस सीट से पार्टी ने अखिलेश यादव के भतीजे तेज प्रताप यादव को मैदान में उतारा है। इस बीच, भाजपा ने तेज प्रताप यादव के फूफा अनुजेश यादव को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। यह सीट दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। इस निर्वाचन क्षेत्र में यादवों की संख्या करीब 1.4 लाख है, जबकि दलितों और मुसलमानों की संख्या करीब 40,000 और 15,000 है।

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