जंगल की कुटिया में रह रहे साधु की सिर कुचलकर हत्‍या, झाड़ियों में लाश मिलने से हड़कंप

आगरा,(उत्तर प्रदेश)। थाना सिकंदरा के अकबरा गांव में एक साधु की नृशंस हत्‍या कर दी गई। साधु 25 सालों से जंगल में बनी कुटिया में रहता था। मंगलवार शाम उसकी लाश जंगल की झाड़ियों में मिली है। हत्यारे ने किसी भारी वस्तु से साधु का सिर कुचल दिया है। उसके शरीर पर धारदार हथियार कई निशान भी मिले हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। डीसीपी विकास कुमार का कहना है कि हत्या के पीछे किसी नजदीकी का हाथ होने की आशंका है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। परिजनों ने दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।

सिकंदरा के अकबरा गांव के निवासी श्रीकांत महाराज (50) छह भाइयों में सबसे छोटे थे। श्रीकांत ने शादी नहीं की थी। वह गांव से आगे जंगल में बने एक मंदिर के महंत बन गए थे। मंदिर के पास ही जंगल में श्रीकांत ने अपनी कुटिया बना रखी थी। करीब 25 साल से वह कुटिया में रह रहे थे। उसके भाइयों का परिवार गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। श्रीकांत को रोजाना परिवार का कोई ना कोई सदस्य भोजन देने जाता था। मंगलवार दोपहर बाद गांव का एक व्यक्ति श्रीकांत से मिलने के लिए जंगल में पहुंचा था। कुटिया के बाहर श्रीकांत की बाइक खड़ी थी, लेकिन वह अंदर नहीं मिले। उसे कुछ अजीब आभास हुआ तो उसने श्रीकांत के परिवार को सूचना दी। परिवार के लोग जब जंगल में पहुंचे तो कुटिया से थोड़े दूर झाडिय़ों में श्रीकांत की लाश पड़ी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि साधु का सिर कुचलकर और धारदार हथियार से मारा गया है। उन्होंने किसी नजदीकी पर ही हत्या का शक जाहिर किया है। परिजनों ने दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में जांच जारी है।

श्रीकांत महाराज अपने हिस्से की जमीन बेची जी। इससे मिली रकम से उसने लेनदेन का काम शुरू किया था। कई लोगों को श्रीकांत ने रुपये उधार दिए थे। परिजनों का कहना है कि लेनदेन के चलते श्रीकांत की हत्या की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हत्या के पीछे किसी करीबी का हाथ होने का शक है। जल्द ही मामले में खुलासा किया जाएगा।
थाना नाई की मंडी ढाकरान स्थित चामुंडा देवी मंदिर के महंत चंद्रशेखर धाकड़ (60) की हत्या हुई थी। 5 सितंबर 2022 को वे मंदिर परिसर में लहूलुहान हालत में मिले थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। आज तक पुलिस इस हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है।

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