मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर पहले संसद में हुआ खूब हंगामा, फिर पीएम मोदी के साथ बैठकर खाया खाना

नेशनल डेस्क।  आज सुबह से अगर राजनीति की बात करें तो जो मुद्दा सबसे ज्यादा गर्म रहा वह था, मल्लिकार्जुन खड़गे का वह बयान जिसमें उन्होंने भाजपा पर तंज कसा था। भाजपा के नेता भी जबरदस्त तरीके से मल्लिकार्जुन खड़गे पर हमलावर थे। भाजपा के नेताओं की ओर से माफी की मांग तक की गई। इसको लेकर संसद में तीखी नोकझोंक भी हुई। लेकिन दिन ढलने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलिकार्जुन खरगे एक ही टेबल पर एक साथ खाना खाते दिखाई दे दिए। अब सवाल यह था जब इतनी तल्खी थी तो फिर एक साथ नेता कैसे बैठे? यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है। यहां, राजनीति विचारों और मुद्दों पर होती है। दरअसल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सांसदों के लिए मोटा अनाज से तैयार लंच का प्रोग्राम रखा था।

बताया जा रहा है यह नरेंद्र मोदी की पहल पर ही किया गया था। इस लंच में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता भेजा गया था। नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक ही टेबल पर व्यंजनों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों के अलावा राज्यसभा के उपसभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी यह फोटो ट्वीट किया गया है। अपने ट्वीट में मोदी ने लिखा कि जैसा कि हम 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं, संसद में एक शानदार दोपहर के भोजन में भाग लिया जहां बाजरे के व्यंजन परोसे गए। पार्टी लाइनों से भागीदारी को देखकर अच्छा लगा।

क्या है पूरा मामला

अलवर में एक सभा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि देश की खातिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने कुर्बानी दे दी और पूछा “हमारी पार्टी के नेताओं ने जान दी है, तुम (भाजपा) ने क्या किया? आपके घर देश के लिये कोई कुत्ता भी मरा है?.. क्या किसी ने कुर्बानी दी है? नहीं। लेकिन फिर भी वे देशभक्त और हम कुछ भी बोलेंगे तो देशद्रोही।” उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को इस तरीके से खत्म कर रहे हैं.. कभी कातिल बदलते हैं… कभी खंजर बदलता है.. ये लोग लोकतंत्र को, संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

मोदी के मंत्रियों का पलटवार

मल्लिकार्जुन खड़गे के इसी बयान पर अब मोदी सरकार में मंत्री उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। राज्यसभा में हंगामा भी हुआ। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि कल अलवर में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अभद्र भाषण दिया था। जिस भाषा का प्रयोग किया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, निराधार बातें कही और देश के सामने झूठ पेश करने की कोशिश की, मैं उसकी निंदा करता हूं। मैं उनसे माफी की मांग करता हूं। गोयल ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें (मल्लिकार्जुन खड़गे) भाजपा, संसद और इस देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाई। उन्होंने (खड़गे) हमें उनकी मानसिकता और ईर्ष्या की झलक दी।

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