कानपुर में हिरासत में व्यापारी की हत्या के चश्मदीद की भी बिगड़ी हालत, आरोपी पुलिसवाले फरार

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर देहात में पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि एक और आग लगाने वाली खबर सामने आई है। व्यापारी की हत्या के चश्मदीद को पुलिस ने हिरासत में लिया था। चश्मदीद की भी पुलिस हिरासत में हालत बिगड़ गई है। उसे मंगलपुर थाने में हिरासत में रखा गया था। पुलिस ने बलवंत के साथ ही उसे भी रनियां से पकड़ा था। व्यापारी बलवंत की पिटाई उसके सामने हुई थी। पुलिस ने उसे भी पीटा था। बलवंत की मौत के बाद पुलिस चुपचाप मंगलपुर थाने ले गई थी। तीन दिन से हिरासत में रखे हुए है। उसकी बुधवार रात हालत बिगड़ने पर पुलिस ने हवासपुर सीएचसी में भर्ती कराया है। जिले में पुलिस की बर्रबरता की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। व्यापारी बलवंत की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि उसके साथ पकड़े गए महिपालपुर शिवराजपुर कानपुर नगर के राम सिंह राठौर की भी हालत बिगड़ गई है। सूत्र बताते हैं कि बलवंत की हत्या का राम सिंह चश्मदीद है, इसलिए पुलिस उसे छिपाए घूम रही है। उसे मंगलपुर थाने में गोपनीय ढंग से रखा गया था। आरोप है कि पुलिस ने राम सिंह की भी जमकर पिटाई की है। उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस उसे लेकर हवासपुर सीएचसी पहुंची। वहां होमगार्ड अखिलेश सिंह की तरफ से भर्ती कराया गया है। सीएचसी के डॉक्टरों ने बताया कि राम सिंह के शरीर में चोटों के निशान हैं। अस्पताल के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। वहां किसी को राम सिंह से मिलने नहीं दिया जा रहा है। रात में कुछ मीडिया कर्मियों से हुई बातचीत में राम सिंह ने खुद के साथ हुई बर्रबरता और बलवंत की हत्या के बाबत बताया। एसपी सुनीति ने बताया कि पिटाई का मामला नहीं है। इसके बाद उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।

पुलिस कस्टडी में मृतक व्यापारी बलवंत अपने साथी महिपालपुर शिवराजपुर के राम सिंह के साथ लोडर लेकर रनियां चोकर लेने आया था। वहां से पुलिस ने दोनों को उठाया था। बलवंत के साथ राम सिंह को भी बुरी तरह से पीटा गया। बलवंत की मौत हो गई तो पुलिस के हाथ पांव फूल गए। राम सिंह ने पुलिस की बर्रबरता अपनी आंखों से देखी है, इसलिए पुलिस उसे छोड़ नहीं रही है। डर है कि कहीं बाहर जाने पर वह सच्चाई बयां न कर दे। वहीं, मंगलवार रात राम सिंह की हालत बिगड़ी तो एक बार फिर अफसरों के हाथ पांव फूल गए। उसे अब मीडिया कर्मियों से दूर रखने की कोशिश जारी है। रनियां थाना में व्यापारी की पीटकर हत्या करने के आरोपी पुलिस कर्मी घटना के बाद से फोन बंद कर फरार हैं। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की तो दबाव बढ़ने पर एसपी ने छह टीमें गठित कीं। एक टीम को दिल्ली रवाना कर दिया गया है। दिल्ली में एसओजी प्रभारी के होने की भनक पुलिस के अधिकारियों को लगी है। वहीं अन्य आरोपी इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के लिए टीमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों में दबिश दे रही है।

शिवली कोतवाली के सरैयां लालपुर के रहने वाले चूनी चोकर व्यापारी बलवंत (27) को सोमवार शाम लूट के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। स्वाट टीम बलवंत को रनियां थाने ले गई। आरोप है कि वहां उसकी जमकर पिटाई की गई। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के चाचा की तहरीर पर शिवली कोतवाल राजेश कुमार सिंहए रनियां थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह, स्वाट टीम प्रभारी प्रशांत गौतम समेत नौ पुलिस कर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस एफआईआर में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात एक डाक्टर को भी शामिल किया गया है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। जिले में भी इस घटना से पुलिस के प्रति आक्रोश है। हर कोई आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा है। मामले में दबाव बढ़ता देख एसपी सुनीति ने छह टीमें गठित की है। एक टीम को दिल्ली व अन्य टीमों को कानपुर, प्रयागराज, रायबरेली व फतेहपुर जिले में भेजा गया है। ये टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी हैं।

व्यापारी बलवंत की पिटाई रनियां थाना में हुई। वहीं उसकी मौत हो गई। इस घटना में काफी जद्दोजहद के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की नौबत आई। तहरीर मिलने पर रनियां थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने अपने की विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। एफआईआर में स्टेशन अफसर का नाम शिव प्रकाश दर्ज है। एफआईआर होते ही वह सीयूजी नंबर व पिस्टल दफ्तर में जमा करने के बाद नाटीकय ढंग से लापता हो गए। इस पर भी मृतक के परिजन सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस को गिरफ्तारी करनी थी तो एसओ थाने से कैसे फरार हो गए।

बलवंत की पुलिस हिरासत में हत्या की घटना की जांच के लिए एसपी सुनीति ने एसआईटी गठित कर दी है। इसमें सीओ रसूलाबाद आशा पाल सिंह, सीओ क्राइम प्रभात कुमार क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार और अशोक कुमार को शामिल किया गया है। आज से एसआईटी जांच शुरु कर देगी। डीएम नेहा जैन ने मजिस्ट्रेटी जांच कराने के निर्देश जारी किए है। उन्होंने इसके लिए एसडीएम मैथा रमेश कुमार को जांच सौपी है। डीएम नेहा जैन ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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