सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया में नोट पर क्यों है गणेश जी की तस्वीर?

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नोट पर दिया बयान दिया जो काफी सुर्खियों में है। अपनी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के सुर में सुर मिलाते हुए आम आदमी पार्टी के कई नेता देश में “समृद्धि” लाने के लिए मुद्रा नोटों में लक्ष्मी और गणेश की तस्वीरें शामिल करने की मांग करते नजर आने लगे। केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद ग्रेटर कैलाश आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा को माँ लक्ष्मी और श्री गणेश से इतनी नफरत है कि वह भारतीय नोटों पर उनकी तस्वीर लगाने का विरोध कर रही है। इसका अभी तक किसी मुस्लिम नेता ने विरोध नहीं किया है। प्रधानमंत्री को जल्द से जल्द करेंसी नोटों पर तस्वीरें लगानी चाहिए। कालकाजी विधायक आतिशी ने भी ट्वीट किया, ‘मैं बीजेपी के सामने हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि इस प्रस्ताव का विरोध मत करो।

अपनी बात रखते हुए सीएम केजरीवाल ने सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा,” इंडोनेसिया एक मुस्लिम देश है। वहां 85% मुस्लिम और केवल 2% हिन्दू हैं लेकिन वहां की करेंसी पर श्री गणेश जी की तस्वीर है। केजरीवाल ने दावा किया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के लगातार कमजोर होने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति से गुजर रही है और आम आदमी को इसकी मार झेलनी पड़ रही है।

मुस्लिम देश इंडोनेशिया में गणेश जी वाला नोट

इंडोनेशिया में 20,000 रुपये का नोट है जिस पर भगवान गणेश अंकित हैं। यह एकमात्र देश है जहां भगवान गणेश को नोट पर रखा गया है। भगवान गणेश की छवि के साथ, सामने की हजार देवंतरा की तस्वीर है। नोट के पिछले हिस्से में एक क्लासरूम की तस्वीर है जिसमें बच्चे पढ़ रहे हैं। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला मुस्लिम देश है और तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इंडोनेशिया के कुछ हिस्से कभी चोल वंश के शासन में थे, जब वहां कई मंदिरों का निर्माण किया गया था। ज्ञान, कला और विज्ञान के देवता के रूप में भगवान गणेश की स्थिति एक कारण हो सकता है कि उन्हें मुद्रा नोट पर चित्रित किया गया था।

इंडोनेशियाई सरकार ने आधिकारिक तौर पर छह धर्मों को मान्यता दी है-

इस्लाम

प्रोटेस्टेंटवाद

रोमन कैथोलिकवाद

 हिंदू धर्म

बौद्ध धर्म

कन्फ्यूशीवाद

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