दिल्ली के भजनपुरा में सरकारी स्कूल में मीडियाकर्मियों व शिक्षकों के बीच हुई मारपीट,एफआईआर दर्ज

उत्तर पूर्वी दिल्ली। भजनपुरा इलाके में एक सरकारी स्कूल में मीडियाकर्मियों व शिक्षकों के बीच मारपीट हो गई। डीडी न्यूज चैनल के मीडियाकर्मी मंगलवार दोपहर को रघुबर दयाल जन कल्याण स्कूल में ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए गए थे। आरोप है कि रिपोर्टिंग के दौरान शिक्षकों ने उन्हें स्कूल में बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और कैमरा व अन्य सामान तोड़ दिया। जबकि शिक्षकों का कहना कि बिना अनुमति के मीडियाकर्मी स्कूल के अंदर घुसे थे और विरोध करने पर उन्हें मारा पीटा। मारपीट में दो मीडियाकर्मी व एक शिक्षक मामूली रूप से चोटिल हो गए। भजनपुरा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत की है।
गिरीश निशाना डीडी न्यूज में पत्रकार हैं। दोपहर को वह अपनी टीम के साथ भजनपुरा में सरकारी स्कूल में ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए गए थे। आरोप है कि जब वह स्कूल परिसर में पहुंचे तो शिक्षकों ने उन्हें घेर लिया और स्कूल का मुख्य द्वार पर ताला बंद कर उन्हें बंधक बना लिया। उनसे कैमरा छीनकर उसे तोड़ दिया, कैमरे से रिकार्डिंग की चिप निकाल कर उसे भी तोड़ दिया।विरोध करने पर तीन शिक्षकों ने मिलकर मीडियाकर्मियों को पीट दिया। स्कूल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत करवाया। शिक्षकों का कहना है कि पत्रकार जबरन स्कूल में घुसे, जब शिक्षकों ने उन्हें रोका तो उन्होंने उनपर हमला कर दिया।
पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।रघुबर दयाल जन कल्याण स्कूल पिछले कई वर्षों से टीन शेड में चल रहा है। स्कूल में बच्चों की संख्या काफी अधिक है, यहां तक बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त मैदान भी नहीं है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी टीन शेड से बने भवन में विभिन्न परेशानियों का सामना कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि कमरे इतने छोटे हैं कि एक कक्षा में सभी विद्यार्थी आ नहीं पाते हैं। बरसात व गर्मियों में काफी परेशानी होती है।
इस मामले में शिक्षा उपनिदेशक, उत्तर पूर्वी जिला रजिया बैगम का कहना है कि पत्रकारों के पास स्कूल में घुसने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल किया और सरकारी कर्मचारियों से बदसलूकी व मारपीट की। परीक्षाएं नजदीक हैं, जिस वजह से मंगलवार को स्कूल में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों का टेस्ट था। पत्रकारों के हंगामे की वजह से हो नहीं पाया।




