नुपुर शर्मा के समर्थन को लेकर व्यक्ति पर हमला मामले में 10 और गिरफ्तार

मुंबई,(महाराष्ट्र)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नुपुर शर्मा का सोशल मीडिया पर कथित रूप से समर्थन करने के लिए महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक व्यक्ति पर हुए हमले के सिलसिले में 10 और लोगों की गिरफ्तारी के साथ, पुलिस ने मामले के सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने रविवार को दी। पुलिस ने कहा कि हमले की घटना चार अगस्त को अहमदनगर जिले के कर्जत कस्बे में हुई थी। पुलिस ने कहा कि 23 वर्षीय पीड़ित प्रतीक उर्फ ​​सनी राजेंद्र पवार पर तलवार, दरांती, लाठी और हॉकी स्टिक से लैस मुस्लिम समुदाय के कम से कम 14 लोगों ने हमला किया था।

पुलिस ने बताया कि बाद में पवार को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगने के कारण अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। पुलिस इससे पहले इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्राथमिकी के बाद, अहमदनगर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया था। शनिवार को इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।’’ उन्होंने बताया कि कर्जत इलाके में तलाशी अभियान जारी रखते हुए, जांच दल के अधिकारियों ने बाद में 10 और आरोपियों को पकड़ लिया। उन्होंने कहा, ’’मामले के सभी 14 आरोपियों को अब पकड़ लिया गया है।’’

प्राथमिकी में कहा गया है कि हमले की घटना तब हुई थी जब मामले में शिकायतकर्ता पवार और अमित माने अपने दोपहिया वाहन पर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे और कर्जत के अक्काबाई चौक पर मेडिकल शॉप के पास एक दोस्त का इंतजार कर रहे थे। इसके अनुसार जब वे एक दोस्त की प्रतीक्षा कर रहे थे, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दोपहिया वाहनों पर उनके पास पहुंचे और वे तलवार, दरांती और हॉकी स्टिक लिए हुए थे। माने ने शुक्रवार को दायर अपनी शिकायत में कहा कि उनमें से एक ने पवार पर चिल्लाते हुए कहा कि उसने नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था और इंस्टाग्राम पर स्टेटस भी डाला था और उस पर हमला किया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने नुपुर शर्मा का सोशल मीडिया पर समर्थन करने और इंस्टाग्राम पर कन्हैया लाल का स्टेटस डालने को लेकर पवार पर निशाना साधा। 14 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)धारा 307, 143, 147, 323 और 504 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस पवार के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है और मामले में आगे की जांच के लिए उसका मोबाइल फोन भी बरामद किया है।’’ उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन को फोरेंसिक साइंस लैब को यह सत्यापित करने के लिए भेजा जाएगा कि क्या उसने उससे कोई पोस्ट अपलोड की है।

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