गाजियाबाद में सात लोगों के हत्यारे को फांसी की सजा

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद की अनाज मंडी में कारोबारी सतीश गोयल और उनके परिवार के छह लोगों की हत्या में पूर्व ड्राइवर राहुल को अदालत ने दोषी करार दिया है। मामले में अदालत ने आरोपी राहुल को फांसी की सजा सुनायी है। लूट के इरादे से किए गए इस चर्चित हत्याकांड में राहुल के जुर्म को साबित करने में सबसे अहम सुबूत मौका ए वारदात से दीवार पर मिले खून से सने हाथ के पंजे का निशान रहा। फोरेंसिक जांच में साफ हो गया था कि यह निशान उसके ही पंजे का था। नौ साल चली सुनवाई में उसके खिलाफ 30 लोगों ने गवाही दी।

घंटाघर कोतवाली क्षेत्र में 21 मई 2013 की रात सनसनीखेज घटना हुई थी। घंटाघर नई बस्ती मोहल्ले में रहने वाले बुजुर्ग कारोबारी सतीश गोयल एवं उनके पूरे परिवार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मृतक कारोबारी के दामाद सचिन मित्तल ने कोतवाली थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतकों में कारोबारी सतीश गोयल, उनकी पत्नी मंजू गोयल, पुत्र सचिन गोयल, पुत्रवधू रेखा गोयल एवं तीन पौत्र-पौत्री शामिल थे।

हत्यारे राहुल वर्मा पर कारोबारी के घर से घटना के बाद लाखों रुपये के गहने एवं जेवरात लूटकर भागने का मामला सिद्ध हुआ है। सनसनीखेज मामले की सुनवाई शनिवार को ईसी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत में हुई। जिसके बाद न्यायालय ने सजा सुनाने के लिए सोमवार यानी आज का दिन तय किया था। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि अदालत ने पुख्ता साक्ष्य, गवाही एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सात हत्याकांड के मामले में कारोबारी के पूर्व कार चालक राहुल वर्मा को दोषी ठहराया है। उन्होंने बताया कि सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल इकलौता हत्यारोपी राहुल करीब नौ साल से डासना जेल में बंद था।

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