नोकझोंक और हंगामे के बीच एमएलसी चुनाव का मतदान, फर्जी वोटिंग से लेकर मारपीट तक के आरोप
विजयीपुर ब्लॉक परिसर में शुक्रवार को एमएलसी चुनाव के दौरान फर्जी मतदान, मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों को लेकर सपा-भाजपा समर्थकों में कई बार नोकझोंक हुई। सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। कुल 1,060 मतदाताओं में से 398 ने मतदान किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जबकि पुलिस चौकी प्रभारी पर मारपीट के आरोप को उन्होंने निराधार बताया।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। विजयीपुर ब्लॉक परिसर में शुक्रवार को इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदान गहमागहमी और विवादों के बीच संपन्न हुआ। सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान सपा और भाजपा समर्थकों के बीच कई बार कहासुनी और धक्कामुक्की हुई। फर्जी मतदान के आरोपों के बाद मामला गरमा गया। सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। क्षेत्र के कुल 1,060 मतदाताओं में से 398 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद ही विवाद सामने आने लगे। सुबह करीब दस बजे सपा कार्यकर्ताओं ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और धक्कामुक्की हुई। सपा कार्यकर्ता नरेश कोरी ने मारपीट का आरोप लगाया। स्थिति की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ी। पूरे दिन मतदान स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
देर शाम एक बार फिर विवाद बढ़ गया। सपा के पूर्व प्रत्याशी रामतीर्थ परमहंस ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक एवं राज्यमंत्री मतदान केंद्र के अंदर जा रही थीं। उन्होंने इसका विरोध करते हुए वीडियो बनाना शुरू किया तो उनका मोबाइल छीन लिया गया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के लोग फिर आमने-सामने आ गए। रामतीर्थ परमहंस ने प्रशासन पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा समर्थकों पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मतदान के दौरान दरियामऊ गांव निवासी दिव्यांग मतदाता पंकज गुप्ता ने भी चौकी प्रभारी पर मारपीट का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वह बाइक से मतदान स्थल तक जा रहे थे, तभी चौकी प्रभारी ने उन्हें तीन-चार डंडे मारे। घटना से नाराज पंकज चौकी पहुंचकर धरने पर बैठ गए और फोन पर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। वहीं, चौकी प्रभारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने पंकज को इशारे से दूर जाने के लिए कहा था।
सपा कार्यकर्ताओं ने सत्ता के दबाव में मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा समर्थकों ने सपा कार्यकर्ताओं पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। विवादों के बीच मतदान तो संपन्न हो गया, लेकिन दिनभर हुई नोकझोंक और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बनाए रखा।




