किश्तवाड़ में सर्विस राइफल समेत एसपीओ लापता, पुलिस और सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान तेज

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक पुलिस चौकी से अपने हथियार के साथ घर लौट रहा 54 वर्षीय एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) लापता हो गया। इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने उसकी तलाश के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।

एसपीओ की तलाश करती स्पेशल टीमें

किश्तवाड़,जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 55 वर्षीय विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) बशीर अहमद अपनी सरकारी सर्विस राइफल के साथ लापता हो गए हैं। उनके लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है। उनकी खोज के लिए आसपास के जंगलों, पहाड़ी रास्तों और स्थानीय गांवों में तलाशी ली जा रही है। फिलहाल उनके लापता होने की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हो सकी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बशीर अहमद बुधवार सुबह त्रिघम पुलिस पिकेट पर अपनी ड्यूटी से निकलकर वनिपोरा त्रिघम स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए थे। उनके पास सरकारी एसएलआर सर्विस राइफल भी थी। जब वह निर्धारित समय तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बशीर अहमद के लापता होने के समय क्षेत्र में भारी बारिश और खराब मौसम था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वह किसी पहाड़ी ढलान से दुर्घटनावश फिसल गए हों। हालांकि, इस आशंका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस और सुरक्षा बलों की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। खोज अभियान के तहत जंगलों, दुर्गम पहाड़ी इलाकों, आने-जाने वाले रास्तों और आसपास के गांवों की जांच की जा रही है। खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तलाशी अभियान में चुनौतियां आ सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि बशीर अहमद के लापता होने के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस में विशेष पुलिस अधिकारियों की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवाद विरोधी अभियानों में नियमित पुलिस बल की सहायता करने की है। एसपीओ की नियुक्ति जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिनियम, 1983 की धारा 18 के तहत की जाती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस में लगभग 32 हजार एसपीओ कार्यरत हैं। राज्य के गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर पुलिस नियम, 1960 में संशोधन कर कांस्टेबल भर्ती में एसपीओ और सेवा में कार्यरत सहायक कर्मचारियों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके तहत कांस्टेबल के सीधे भर्ती होने वाले पदों में 15 प्रतिशत योग्य एसपीओ के लिए और पांच प्रतिशत सेवा में कार्यरत सहायक कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए आरक्षित किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बलों का मुख्य ध्यान लापता एसपीओ बशीर अहमद का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बरामद करने पर है। उनके लापता होने के कारणों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और तलाशी अभियान में आगे की जानकारी मिलने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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