जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज, बर्खास्तगी पर भी विवाद
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर और कांग्रेस के लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्टूबर को वसंत कुंज उत्तर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी बाकी है।
इस मामले के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन और जेएनयू शिक्षक संघ के बीच प्रोफेसर अकोइजम की बर्खास्तगी को लेकर विवाद भी गहरा गया है। शिक्षक संघ ने कुलगुरु की ओर से जारी बर्खास्तगी आदेश की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं बताया है।
11 अक्टूबर को जारी बयान में जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष सैयद अख्तर हुसैन और सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि नौ अक्टूबर को जारी आदेश के जरिए प्रोफेसर अकोइजम को सेवाओं से हटाया गया। संघ का दावा है कि जेएनयू अधिनियम के नियम 30 के तहत किसी शिक्षक को बर्खास्त करने का अधिकार कार्यकारी परिषद के पास है। संघ ने आरोप लगाया कि इस मामले में परिषद की बैठक नहीं बुलाई गई और सदस्यों को संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
शिक्षक संघ ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों से संबंधित आंतरिक शिकायत समिति की सिफारिशों के मीडिया में सार्वजनिक होने पर भी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। उसने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, बर्खास्तगी की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप शिक्षक संघ के पक्ष का हिस्सा हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
उल्लेखनीय है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ 11 छात्राओं की ओर से यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतें किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की थी। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। दोनों मामलों में संबंधित तथ्यों और पक्षों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
इधर, दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर प्रोफेसर अकोइजम को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकालने की बात कही। यह आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। मामले में कांग्रेस और संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आने पर राजनीतिक विवाद के सभी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी, उनकी बर्खास्तगी और शिक्षक संघ की आपत्तियों के बीच यह मामला कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। फिलहाल पुलिस जांच और विश्वविद्यालय से जुड़ी प्रक्रियाओं के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।



