एसआईआर कर्मियों को चुनाव आयोग की सौगात; बीएलओ को मिलेगा 6000 का बोनस

चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान में लगे बीएलओ और सुपरवाइजरों को 6 हजार रुपये अतिरिक्त एकमुश्त मानदेय देने की मंजूरी दी है। दिल्ली में 98 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंच चुके हैं, जबकि डिजिटल एंट्री का काम तेजी से जारी है।

नई दिल्ली/एजेंसी। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में जुटे बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजरों को बड़ी राहत देते हुए प्रत्येक को 6 हजार रुपये का अतिरिक्त एकमुश्त मानदेय देने की मंजूरी दी है। यह राशि उनके नियमित वार्षिक पारिश्रमिक के अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। इस संबंध में चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
आयोग के अनुसार, एसआईआर अभियान के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों पर कार्यभार, समय और मेहनत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने वाले इन कर्मियों को प्रोत्साहन मिल सके। आयोग ने निर्देश दिया है कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और सभी संबंधित अधिकारियों तक इसकी जानकारी शीघ्र पहुंचाई जाए।
यह निर्देश आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली (NCT), ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजा गया है।
राजधानी दिल्ली में एसआईआर का कार्य 30 जून से शुरू हो चुका है, जिसमें 13,033 बीएलओ लगाए गए हैं। तीसरे चरण के तहत कार्य तेजी से जारी है और मंगलवार रात 8 बजे तक कुल मतदाताओं में से 98.57 प्रतिशत से अधिक लोगों को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। हालांकि, भरे गए फॉर्मों की डिजिटल एंट्री की रफ्तार अभी धीमी है और यह आंकड़ा केवल 12.17 प्रतिशत तक पहुंच पाया है। आयोग का कहना है कि एक-दो दिन में सभी फॉर्म वितरित कर दिए जाएंगे, जिसके बाद डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 298 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1 करोड़ 43 लाख 2 हजार 626 लोगों को घर-घर जाकर फॉर्म बांटे जा चुके हैं। नई दिल्ली जिले में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि मध्य दिल्ली में 99.48 प्रतिशत और पूर्वी दिल्ली में 99.30 प्रतिशत फॉर्म वितरण का कार्य पूरा होने के करीब है। वहीं, अब तक केवल 17 लाख 66 हजार 553 फॉर्म ही डिजिटल रूप में दर्ज किए गए हैं, जिससे डेटा एंट्री की प्रक्रिया को और तेज करने की आवश्यकता जताई जा रही है।

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