21 जून को दोबारा होगी नीट-यूजी की परीक्षा, छात्रों को मिलेगा 15 मिनट अतिरिक्त समय
नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी, जिसमें छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा शहर बदलने और फीस न लेने जैसी राहतों की घोषणा की है।

नई दिल्ली/एजेंसी। पेपर लीक और परीक्षा रद होने के बाद नीट-यूजी में शामिल करीब 23 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा से जुड़ी उलझन अब खत्म हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीख साझा करते हुए परीक्षा रद किए जाने से परेशान छात्रों को दोबारा होने वाली परीक्षा में तीन बड़ी राहत देने की भी जानकारी दी है। इस दौरान छात्रों को परीक्षा में पंद्रह मिनट ज्यादा समय देने व उन्हें अपने परीक्षा के शहर को बदलने का भी विकल्प भी दिया है।
साथ ही छात्रों की फीस वापस करने के साथ ही दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए कोई फीस न लेने की भी घोषणा की है। पेपर लीक और परीक्षा रद किए जाने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि पेपर लीक की घटना से सरकार चिंतित है।
हम परीक्षा माफिया से निपटने के लिए कड़े कदम उठा रहे है। सीबीआई इसकी जड़ में जाकर पड़ताल कर रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पेपर लीक व परीक्षा माफिया को लेकर सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है। छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। एक सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि अभी नीट-यूजी में परीक्षा अवधि के बीच हस्ताक्षर सहित दूसरी कागजी प्रकिया पूरी कराने से छात्रों का कुछ समय इनमें नष्ट हो जाता है। ऐसे में अब परीक्षा के दौरान पंद्रह मिनट ज्यादा समय दिया जाएगा। परीक्षा अवधि दो से पांच बजे की जगह अब दो से सवा पांच बजे की होगी। अगले हफ्ते तक छात्रों को परीक्षा के शहर बदलने का भी विकल्प मिलेगा। गौरतलब है कि नीट-यूजी की तीन मई को हुई परीक्षा पेपर लीक होने के चलते 12 मई को रद कर दी गई थी और सरकार ने इसके सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं।
अफवाह से बचें छात्र, 14 जून को जारी होंगे प्रवेश पत्र
शिक्षा मंत्री ने नीट- यूजी की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र को 14 जून को जारी किए जाने की जानकारी दी है। साथ ही छात्रों से किसी भी अफवाह से बचने को कहा है। नीट में हुई चूक की जिम्मेदारी लेते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि हम नहीं चाहते थे कि माफिया किसी होनहार छात्र की सीट को छीन लें।
इसीलिए परीक्षा रद करने जैसा निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान छात्रों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने का पूरा ध्यान रखा जाएगा। राज्यों के साथ इस पर जल्द ही बात की जाएगी।




