चीनी नागरिक ने फुटबॉल ऐप के जरिए 1200 गुजरातियों को ठगा, 9 दिन में हड़पे 1400 करोड़ रुपये

  • चीनी फुटबॉल एप के जरिए गुजारतियों से ठगी का मामला
  • कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने उठाए सवाल, पूरे कैसे ये हुआ?
  • 2022 में फुटबॉल एप के जरिए ठगी का केस आया था सामने
  • गुजरात सीआईडी ने चीनी नागरिक को माना है मास्टमाइंड

अहमदाबाद,(एजेंसी)। गुजरात के 1200 लोगों से 1400 करोड़ रुपये की ठगी का मामला अब राजनीतिक हो गया है। फुटबाल सट्‌टेबाजी एप के जरिए नौ दिनों में हुई इस ठगी पर कांग्रेस ने बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पूछा है कि आखिर एक दुश्मन देश का नागरिक गुजरात के संवेदनशील जिलों में कैसे पहुंचा? और यह इतनी बड़ी ठगी कैसे हो गई? कांग्रेस ने यह हमला मीडिया रिपोर्ट में दानी डेटा एप में जरिए 1200 लोगों से ठगी सामने आई है। कुछ रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि यह रकम और ज्यादा हो सकती है। इस मामले के खुलासे के बाद कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
पुलिस के अनुसार एक चीनी नागरिक ने स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर एक फुटबॉल सट्टेबाजी ऐप तैयार किया था। इसका नाम दानी डाटा रखा था। इस एप के जरिए चीनी नागरिक ने उत्तरी गुजरात के लगभग 1,200 लोगों को फंसाया। इससे पीड़ितों को नौ दिनों के भीतर 1,400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले की गंभीरता को देख गुजरात पुलिस ने धोखाधड़ी के पीछे के मास्टरमाइंड का खुलासा करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। पुलिस ने चीन के के शेनझेन क्षेत्र के रहने वाले वू उयानबे को मास्‍टर माइंड माना है। पुलिस की मानें तो उयनबे ने गुजरात के पाटन और बनासकांठा क्षेत्रों में घोटाले को अंजाम दिया। गुजरात पुलिस की सीआई को पहली जून, 2022 को इस धोखाधड़ी का पता चता था। इस एप की ठगी के शिकार होने कुछ अन्य राज्यों में है। ऐसा मान जा रहा है कि घोटाले क रकम और अधिक हो सकती है। इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक जांच शुरू की, इससे उत्तरी गुजरात के व्यक्तियों के साथ संबंध का पता चला। बाद की जांच से पता चला कि चीनी नागरिक 2020 और 2022 के बीच भारत में मौजूद था और पाटन और बनासकांठा में स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर रहा था।
बच्चे-बुजुर्ग ठगी का शिकार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि चीनी नागरिक ने अपने गुजरात के सहयोगियों की ददम से मई, 2022 में इस एप को लांच किया था। इस एप से फुटबॉल मैच सट्‌टेबाज करने का भ्रामक ऑफर दिया गया था। इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने इस एप का इस्तेमाल किया और सट्‌टेबाजी की। उयानबे ने प्रति दिन करीब 200 करोड़ रुपये इस एप से अर्जित किए। इस एप से ठगी का शिकार होने वालों में 15 से 75 साल तक बुजुर्ग शामिल हैं। नौ दिन बाद एप ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद इस एप के जरिए सट्‌टेबाजी कर रहे लोगों को पता चला कि उन्होंने जो रकम लगाई है वो डूब चुकी है। जांच के बाद पुलिस ने सीआईडी की साइबर सेल ने नौ लोगों को पकड़ा था। ये हवाला नेटवर्क के माध्यम से पैसे भेजने में उयानबे की सहायता कर रहे थे। गुजरात पुलिस ने अगस्त 2022 में पाटन में धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम के उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुुरू की, लेकिन तब तक योजना के पीछे का मास्टरमाइंड गायब हो चुका था। सीआईडी ने अभी तक उयानबे के खिलाफ पर्याप्त सबूत इकट्ठा नहीं किया है, इससे प्रत्यर्पण प्रक्रिया रुकी हुई है।
कांग्रेस ने बोला हमला
कांग्रेस ने प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि एक चीनी व्यक्ति ने गुजरात में केवल नौ दिनों में 1200 लोगों से 1400 करोड़ रुपये की भारी ठगी की और देश से भाग गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह उसे रोक नहीं सके। कुछ खबरों से यह भी पता चलता है कि इस ‘दानी डेटा ऐप’ घोटाले ने लोगों को 4,600 करोड़ रुपये का भारी चूना लगाया होगा। वू उयानबे नामक एक चीनी तकनीकी विशेषज्ञ 2020-22 में भारत में रहा, उसने एक नकली फुटबॉल सट्टेबाजी ऐप बनाया और भारत से भागने से पहले गुजरात के आम लोगों से करोड़ों ठग लिए। ज्यादातर पीड़ित गुजरात के बनासकांठा और पाटन और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से हैं।

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