नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश,2 महिलाओं सहित 8 गिरफ्तार
लोन दिलाने और इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर करते थे ठगी

नोएडा। फेज वन थाना पुलिस टीम ने सेक्टर दो में लोन दिलाने, इंश्योरेंस पॉलिसी व निवेश के नाम पर ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का शनिवार को पर्दाफाश किया। सरगना और दो महिलाओं समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया। सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के शोरूम से चोरी सोने की जांच से मिले इनपुट से पुलिस आरोपितों तक पहुंची। कई माह से संचालित सेंटर के ठग 500 से ज्यादा लोगों से छह करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह ने बताया कि सेक्टर 20 व फेज वन थाना पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से सेक्टर दो स्थित बिल्डिंग में वीएचए इन्वेस्टर नाम से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। मौके से आठ आरोपितों को दबोचा।
आरोपितों की पहचान बिहार दरभंगा व सेक्टर 19 के गणेश ठाकुर, पश्चिम बंगाल वर्धमान के प्रभाष झा, मनीष कुमार झा, दिल्ली कॉलकाजी गिरी नगर के परवेज आलम, कानपुर देहात के शुभम यादव, बनारस मानस नगर के ज्ञानेंद्र, एटा नंगला तुला की शबनम व इटावा छितौनी की अराधना के रूप में हुई। सभी हाल में नोएडा और दिल्ली में रह रहे हैं। आरोपित बीए, बीबीए, इंटरमीडिएट, बीटेक, एमए व बीएड पास हैं। इनसे 17 मोबाइल, सीपीयू, चार रजिस्टर, 21 एटीएम कार्ड, पांच वोटर आईडी कार्ड, छह आधार कार्ड, तीन पेन कार्ड, एक डीएल, जीएसटी व पंजीकरण प्रमाणपत्र, रेंट एग्रीमेंट व 2,660 रुपये बरामद हुए। गणेश गिरोह का सरगना है जबकि मनीष व प्रभाष साझेदार हैं। अन्य प्रतिशत पर रखे हुए थे।
एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया पूछताछ में बताया कि विभिन्न माध्यमों जैसे जस्ट डायल से लोन व इंश्योरेंस वाले लोगों का डाटा प्राप्त करते हैं। विभिन्न बैंकों का कर्मचारी बताते हुए अपने-अपने नाम शबनम-पूजा शर्मा, अराधना-रिंकी वर्मा, गणेश-सुरेश आदि नाम बताकर कॉल करते। वाट्सएप पर मैसेज कर संपर्क करते। आसान शर्ताे पर लोन, इंश्योरेंस कराने का विश्वास दिलाकर लोगो से 10-15 प्रतिशत धनराशि ऐंठ लेते थे। लोन भी उपलब्ध नही कराते थे और संपर्क बंद कर लेते थे। टैक्स, आरबीआई व इरडा के दस्तावेज भेजकर भी धनराशि ऐंठी जाती थी। कुछ ग्राहकों को उनका पैसा शेयर बाजार में निवेश करना भी बताया जाता था।
आरोपित आरबीआई व भारत सरकार से संबंधित प्रपत्रों को भेजकर विश्वास जीतते थे। नोएडा सेक्टर 18 स्थित रघुनंदन ज्वैलर्स के सेल्समैन नरेश कुमार से एक करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल के फर्जी खाते में डलवाये गये थे। इनके पास से मिले दो बैंक खातों के अलावा हजारों ग्राहकों के डाटा से जानकारी जुटाई जा रही है।
टना का पटाक्षेप् किया जाएगा।




