नकली क्राइम ब्रॉन्च ऑफिसर बनकर मारते थे रेड, दिल्ली पुलिस ने गैंग के 8 लोगों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। नारायण थाना की पुलिस टीम ने डबल अमाउंट करके जीएसटी अकाउंट में पैसा वापस देने का प्रलोभन देकर चीटिंग करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 15.59 लाख रुपए और करीब एक लाख का गोल्ड बरामद किया गया है। इनमें से एक आरोपी द्वारका में पीएसओ( प्राइवेट सिक्योरिटी ऑफिसर ) के रूप में काम करता है। उसी ने अपने दो और साथियों के साथ मिलकर नकली क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बनाकर रेड किया था। और नारायणा ऑफिस से 25 लाख रुपए लेकर साथ में चीटिंग करने वाले आरोपियों को लेकर अपने साथ चले गए थे, की पूछताछ करनी है। जिसके बाद पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी थी। पकड़ा गया पीएसओ कद काठी का फायदा उठाकर नकली आई कार्ड दिखाकर अपने आपको क्राइम ब्रांच का पुलिस ऑफिसर बनकर दिखाया था।
पैसे का लालच देकर करते थे टारगेट
डीसीपी विचित्र वीर ने बताया की यह गैंग नारायणा इलाके में ऑफिस सेटअप करके चीटिंग की वारदात को अंजाम दे रहे थे। जीएसटी अकाउंट में डबल पैसा देने का लोभ देकर लोगों को टारगेट करते थे। उनकी बातों में जो भोले वाले लोग फंस जाए उनसे ठगी करते थे। इनके पास से पुलिस ने एक दर्जन मोबाइल भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल यह लोग चीटिंग की वारदात में करते थे।22 फरवरी को नारायणा पुलिस को बैग स्नैचिंग की सूचना मिली थी। जिसमें 10 से 15 लाख रुपए रखे हुए थे। उस मामले की छानबीन पुलिस टीम ने शुरू की तो गड़बड़ झाला का पता चला। एसएचओ सतीश कुमार, इंस्पेक्टर संदीप यादव, एसआई मुकेश की टीम को पूछताछ में मौके पर पता चला की राजीव, रोहित और निशांत नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 में ऑफिस चलाते हैं।
पूछताछ में पता चला की इन लोगों ने एक शख्स से चीटिंग किया उन्हें कहा कि यदि वह 25 लाख रुपए इन्वेस्ट करेंगे तो उनके जीएसटी अकाउंट में आरटीजीएस के जरिए 50 लाख रुपए रिटर्न आएगा।पीड़ित शख्स उनके बातों में फंस गया और उसने 25 लाख रुपए इंतजाम करके राजीव रोहित और निशांत के साथ मौजूद लोगों को ऑफिस में आकर दिया। ठीक उसी दौरान क्राइम ब्रांच के तीन ऑफिसर बनकर कुछ लोग पहुंचे और पैसे वाला बैग भी ले लिया और जिन लोगों को पीड़ित ने पैसा दिया था, उसे भी पूछताछ करने की बात कह कर अपने साथ ले गए। तब पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी।
मामले की छानबीन में खुला राज
छानबीन शुरू की तो इस मामले में चीटिंग गैंग का पूरा पता चला। मोहन गार्डन से राजीव उर्फ आनंद बिहारी कुशवाहा और निशांत मोहन कुमार को गिरफ्तार किया गया। उन दोनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरे मामले का खुलासा किया। इन्होंने बताया कि पिंकू ने इन्हें बताया था कि इस तरीके से वह लोगों को टारगेट करके पैसा ले सकते हैं। उसके द्वारा दिए गए अमाउंट का डबल पैसा उसके जीएसटी अकाउंट में जाएगा। इसके बाद पुलिस ने शैलेंद्र उर्फ शिवम, अनूप, परमानंद हरीश और सुरेंद्र पाल को भी पकड़ा। इन्हें दिल्ली, यूपी के हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में से एक सुरेंद्र पाल द्वारका में पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में काम करता है। वह भी प्लान का हिस्सा था, जो फेक रेड करके वहां से 25 लाख अमाउंट रखा हुआ बैग लेकर निकल गया था। उसके साथ उसके दूसरे सहयोगी शेर सिंह और आरके यादव भी शामिल थे। जिनकी तलाश की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button