घर पर एक्सरसाइज कर 55 साल की उम्र में बनाए 6 पैक एब्स
हरियाणा के ताऊ की बॉडी देख आप करेंगे सैल्यूट

सोनीपत/हरियाणा। हरियाणा को पहलवानों की धरती कहा जाता है। इस मिट्टी ने देश को कई ऐसे खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। इसी धरती से एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यह कहानी है सोनीपत के गांव जठेड़ी के रहने वाले 55 वर्षीय संजय उर्फ काला पहलवान की। जो आज युवाओं के लिए मिसाल बन चुके हैं। सफेद दाढ़ी, सफेद बाल और सादा जीवन। न महंगे जिम, न आधुनिक मशीनें। ताऊ संजय घर में रखे पुराने और देसी औजारों से ही रोजाना कसरत करते हैं।
हाल ही में उन्होंने दिल्ली में आयोजित 45 किलोमीटर मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। सोशल मीडिया पर उनकी दौड़ और अभ्यास के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। मैदान में उनकी रफ्तार देखकर युवा धावक भी हैरान रह जाते हैं। संजय बताते हैं कि बचपन से उनका सपना पहलवान बनने का था। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए उन्हें अपना सपना दबाना पड़ा। समय बीतता गया, जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। लेकिन अंदर का खिलाड़ी कभी मरा नहीं। जब वे अपने बेटे को अखाड़े में लेकर जाने लगे तो उनका पुराना जुनून फिर जाग उठा। उन्होंने ठान लिया कि अब उम्र को बाधा नहीं बनने देंगे।
उन्होंने घर पर ही अभ्यास शुरू किया। रोजाना तीन से चार घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। साधारण लेकिन संतुलित देसी खानपान से अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं। मेहनत और अनुशासन का ही नतीजा है कि 55 साल की उम्र में भी उनकी फुर्ती और ताकत देखते ही बनती है। दिल्ली की 45 किलोमीटर रेस जीतने के बाद अब उनका अगला लक्ष्य 100 किलोमीटर की रेस जीतना है। ताऊ संजय का मानना है कि इंसान अगर ठान ले तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। वे युवाओं को संदेश देते हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।




