नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को साढ़े सात साल की जेल
ईरानी कोर्ट ने सुनाई सजा

ईरान। ईरानी कोर्ट ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को भूख हड़ताल शुरू करने के बाद साढ़े सात साल जेल की सजा सुनाई है। नरगिस मोहम्मदी के वकील मुस्तफा नीली ने एक्स पर सजा की पुष्टि की। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्तफा नीली ने कहा, नरगिस मोहम्मदी को अपराध करने के लिए इकट्ठा होने और साजिश रचने के आरोप में छह साल जेल की सजा सुनाई गई है।
वकील मुस्तफा ने कहा, नरगिस मोहम्मदी को छह साल की जेल की सजा के साथ ही देश छोड़ने पर दो साल का बैन भी लगाया गया है। वकील ने बताया कि जारी किया गया फैसला अंतिम नहीं है और इसके खिलाफ अपील की जा सकती है।
वकील ने बताया कि मोहम्मदी को प्रोपेगेंडा एक्टिविटीज के लिए डेढ़ साल जेल की सजा भी सुनाई गई है और उन्हें दो साल के लिए पूर्वी प्रांत साउथ खोरासान के खोस्फ शहर में देश निकाला दिया जाएगा। ईरानी कानून के तहत, जेल की सजाएं एक साथ चलती हैं।
नीली ने उम्मीद जताई कि मोहम्मदी की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण, उन्हें इलाज के लिए अस्थायी रूप से जमानत पर रिहा किया जा सकता है। मोहम्मदी के वकील ने बताया, दिसंबर 2024 में उन्हें ट्यूमर हटाने और बोन ग्राफ्ट के बाद उनकी शारीरिक स्थिति से संबंधित मेडिकल कारणों से तीन हफ्तों के लिए रिहा किया गया था।
मोहम्मदी ने पिछले दशक का ज्यादातर समय जेल में ही बिताया है और 2015 से अपने जुड़वां बच्चों से नहीं मिली हैं, जो पेरिस में रहते हैं। जेल में होने के बावजूद वे चुप नहीं रहीं, उन्होंने जेल के आंगन में विरोध प्रदर्शन किए और भूख हड़ताल की। ईरान में मौत की सजा के खिलाफ अभियान चलाने के लिए 2023 में मोहम्मदी को नोबेल शांति पुरस्कार देने का एलान हुआ। उनके बच्चों ने उनकी ओर से पुरस्कार लिया, क्योंकि उस समय वह जेल में थीं।




