पैसे लेकर विदेशी नागरिकों को बना रहे ‘गढ़वाली’, आधार सेंटर पर चल रहे खेल का पर्दाफाश

देहरादून,(उत्तराखंड)। पैसे लेकर फर्जीवाड़े से विदेशी नागरिकों को गढ़वाली निवासी बनाने वाले आधार सेंटर का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जो अवैध तरीके से बगैर किसी डॉक्यूमेंट प्रूफ के लोगों का आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पेन कार्ड व अन्य पहचान पत्र बना रहे थे। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया गया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि ऋषिकेश, देहरादून स्थित एक जन सेवा संस्थान द्वारा रूपये लेकर फर्जी कागजो के आधार पर अन्य देश/राज्य के निवासियों को उत्तराखण्ड का निवासी बना कर हुए हजारों रूपये लेकर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी वोटर आईकार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाये जा रहे है, जो कि किसी भी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए आपराधिक गतिविधियों के लिये प्रयोग किये जा सकते है।

जिस पर एसटीएफ द्वारा गोपनीय जांच शुरू की गई तो पता चला कि फर्जी आधार और अन्य आईडी एक व्यक्ति लक्ष्मण सैनी द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर बनाए जाते हैं, जो कि अपनी दुकान में सीएससी सेन्टर चलाता है। एसटीएफ ने कुछ दिन पूर्व एक नेपाली नागरिक दिलबहादुर (काल्पनिक नाम) को तैयार किया गया तथा उस नेपाली नागरिक को सीएससी, एपेटाईड सेन्टर, एम्स रोड, ऋषिकेश आधार कार्ड बनवाने भेजा गया। जहां पर सीएससी सेन्टर का मालिक लक्ष्मण कुमार सैनी 10 हजार रुपए में दिलबहादुर नेपाली नागरिक का फर्जी आधार कार्ड और फर्जी वोटर आईडी कार्ड किसी भी भारतीय/उत्तराखण्ड के वैध दस्तावेज के बिना बनाने के लिये तैयार हो गया।

इसके लिए एडवान्स में 3000 रूपये ले लिया वोटर आईकार्ड और आधार कार्ड देने का वादा किया। तब 26 दिसम्बर 2022 को एसटीएफ द्वारा सीएससी सेन्टर में नेपाली नागरिक दिल बहादुर को भेजा गया तो लक्ष्मण सैनी द्वारा पौड़ी के किसी गांव का वोटर कार्ड बना दिया गया था और आधार कार्ड के लिए फॉर्म भर दिया गया। फिर एसटीएफ द्वारा अचानक छापा मारकर उक्त आधार सेंटर में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।एसटीएफ ने सेंटर से 68 आधार कार्ड, 28 वोटर आई0डी0 कार्ड (जिनमें 03 नेपाली नागरिक के भारतीय वोटर आई0डी0 कार्ड है जिनमे से एक फर्जी वोटर आई0डी0 कार्ड गवाह दिल बहादुर का भी है), 17 पैन कार्ड 07 आयुष्मान कार्ड बरामद किये गए।

एसटीएफ ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में अब तक इनके द्वारा कितने लोगों का कार्ड बनाया गया है, इसकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। एसएसपी एसटीएफ का कहना है कि ये बेहद ही गंभीर मामला है जिससे निपटना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि इस मामले की जांच में एसटीएफ काफी दिनों से जुटी है। इसलिए इस मामले की जांच गहराई से की जा रही है।

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