दिल्ली में घुसपैठियों की धरपकड़ तेज, पुलिस ने 9000 बांग्लादेशियों को पहचाना

वापस भेजने का काम शुरू

नई दिल्ली/एजेंसी। राजधानी में वर्षों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने की कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने तेज कर दी है। बांग्लादेशियों की पहचान व धरपकड़ के लिए दो सप्ताह पहले शुरू किए गए अभियान के तहत दिल्ली पुलिस अब तक 9000 संदिग्धों की पहचान कर चुकी है, जिनमें 500 संदिग्धों के बारे में पुलिस को पूरा आशंका है कि ये बांग्लादेशी हो सकते हैं। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से जानकारी मांगी है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए इन्होंने क्या-क्या दस्तावेज जमा किए हैं। दस्तावेज के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस उनकी सत्यता की जांच करेगी।
जांच में जिनके दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे, उनके आधार कार्ड रद करवा दिए जाएंगे और उन्हें बांग्लादेशी नागरिक मानकर हिरासत में लेकर सराय रोहिल्ला स्थित डिटेंशन सेंटर में रखवा दिया जाएगा। बाद में उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।दो सप्ताह पहले उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद 15 जिले के सभी थानों में चार से पांच पुलिसकर्मियों की एक-एक टीम बनाई गई, जो लगातार झुग्गियों व अन्य जगहों पर रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर रही है। स्थानीय लोगों व संदिग्धों से पूछताछ की जा रही हैं।
उनसे आधार, पैन, वोटर कार्ड आदि के दस्तावेज की प्रति प्राप्त कर उनकी तस्वीरें भी खींची जा रही है। यह अभियान जनवरी के अंत तक चलेगा। अभियान के तहत दस्तावेज की जांच व तमाम छानबीन से पुलिस को जिन पर बांग्लादेशी होने का शक हो रहा है उनकी सूची तैयार की जा रही है।
सभी जिले से अबतक जिन 9000 संदिग्धों की सूची तैयार की गई हैं, उनमें करीब 500 ऐसे संदिग्ध मिले हैं, जिनके पास केवल आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र है। ऐसे में सभी जिले के डीसीपी ने कुछ नामों की सूची व उनके आधार कार्ड नंबर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को ईमेल भेजकर जानकारी मांगी है कि उन्होंने आधार कार्ड बनवाने के लिए क्या-क्या दस्तावेज जमा किए हैं। उक्त दस्तावेज की जांच की जाएगी।
दस्तावेज अगर झारखंड, असम व बंगाल के पाए जाएंगे तो पुलिस उसकी जांच के लिए वहां जाएगी। दस्तावेज की सही जानकारी प्राप्त करने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक जिन 9000 संदिग्धों की सूची तैयार की गई हैं उनकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस को यकीन है कि इन संदिग्धों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक हो सकते हैं। अब तक 11 बांग्लादेशी की पहचान की गई है, जिनमें छह को पुलिस गत दिनों बांग्लादेश भेज चुकी है।
अन्य को सराय रोहिल्ला स्थित डिटेंशन सेंटर में रखवा दिया गया है। 20 से 25 की संख्या होने पर उन्हें दिल्ली आर्म्ड पुलिस की टीम उन्हें ट्रेन के एक डिब्बे को बुक कराकर बांग्लादेश की सीमा पर ले जाएगी और वहां सीमा पर तैनात बीएसएफ के अधिकारी को सौंप देगी। बीएसएफ के अधिकारी उन्हें बांग्लादेश की सीमा में भेज देंगे। आईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले किसी भी बांग्लादेशी नागरिक के पास बांग्लादेश का पासपोर्ट नहीं होता है। ऐसे में बांग्लादेश सरकार भारत में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को अपने देश का नागरिक मानने को तैयार नहीं होती है। इसलिए वैध तरीके से इन्हें बांग्लादेश नहीं भेजा जा सकता है।

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