कानपुर में ‘गोमाता गोरक्षा सेवा मंच’ ट्रस्ट के नाम पर 36 करोड़ का खेल, बैंककर्मी समेत दो युवक गिरफ्तार
कानपुर में 'गोमाता गोरक्षा सेवा मंच' ट्रस्ट बनाकर देशभर में 36 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक्सिस बैंक के एक कर्मचारी और ट्रस्ट के संस्थापक सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। गोवंश संरक्षण के नाम पर ट्रस्ट बनाकर देशभर से साइबर ठगी की रकम मंगवाने वाले गिरोह का फीलखाना थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने पर्दाफाश करते हुए एक्सिस बैंक के एक कर्मचारी समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में पिछले दो वर्षों में करीब 36 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के बैंक खाते के खिलाफ एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर विभिन्न राज्यों से 178 शिकायतें दर्ज हैं। खाते में लेनदेन का स्तर इतना अधिक था कि मात्र सात दिनों का बैंक स्टेटमेंट 5766 पृष्ठों का निकला।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि फतेहपुर के ललौली सुदीन का डेरा पोस्ट कारन निवासी और वर्तमान में सनिगवां में रहने वाले सूरज निषाद ने अपनी पत्नी के साथ दो वर्ष पहले ‘गोमाता गोरक्षा सेवा मंच’ नाम से ट्रस्ट बनाया था। इस ट्रस्ट का बैंक खाता माल रोड स्थित एक्सिस बैंक में बिठूर के टिकरा लोहारखेड़ा निवासी विक्रम कुमार ने खुलवाया था, जो खातों से संबंधित कार्य करता है।
इसके बाद सूरज निषाद ने यह खाता विक्रम कुमार और उसके साथी रोहित मल्होत्रा को किराये पर दे दिया। इसी खाते के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य साइबर अपराधों से ठगी गई रकम देशभर से मंगाई जाती थी। साइबर सेल को इस खाते के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि जांच में इस खाते से जुड़े 178 साइबर ठगी के मामलों और करीब 36 करोड़ रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। पुलिस ने सूरज निषाद और विक्रम कुमार को चार्लिस चौराहा, फूलबाग बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि खाते में आने वाली ठगी की रकम का एक निश्चित प्रतिशत उन्हें दिया जाता था। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर ट्रस्ट के खाते में लगभग सात करोड़ रुपये पहले ही होल्ड किए जा चुके हैं।
पुलिस ने विक्रम कुमार के पास से 15 नए ग्राहकों की बैंक किट, चेकबुक, पासबुक, ऋण प्रपत्र सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा एक्सिस बैंक, फिनो पेमेंट बैंक समेत विभिन्न बैंकों के चार अन्य संदिग्ध खातों की भी जानकारी मिली है, जिनकी जांच जारी है।




