मीडिया को दबा कांग्रेस इमरजेंसी 2.0 लगाना चाह रही: अनुराग ठाकुर

उदयपुर/राजस्थान। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राजस्थान में लूट की खुली छूट है। राजस्थान आज अवैध खनन में नंबर वन है, गैंग रेप, गैंग वार, माता बहनों के खिलाफ अपराध, पेपर लीक, दलितों आदिवासियों पर अत्याचार और भ्रष्टाचार में भी नंबर वन है। यहां की जनता ‘गहलूट’ सरकार से त्रस्त है और जल्द से जल्द इनसे छुटकारा पाना चाहती है। सही मायने में राजस्थान में मुख्यमंत्री का इक़बाल ख़त्म हो गया है।”
मीडिया के लोगों के विरोध और बहिष्कार को कांग्रेस को पुरानी मानसिकता से जोड़ते हुए ठाकुर ने कहा, “इमरजेंसी लगाकर कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया था। इंदिरा गांधी जी ने मीडिया को कुचल कर फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन को दबाने का कार्य किया था। सोनिया गांधी जी के आशीर्वाद से UPA गवर्नमेंट में कपिल सिब्बल जी ने आर्टिकल 66ए को बिना चर्चा के पास किया था। यह Draconian Law था।और अब ये ये इंडी अलायंस पत्रकारों को बैन करके अपनी तानाशाही मानसिकता का परिचय दे रहा है। पत्रकारों पर बैन इमरजेंसी 2.0 जैसा है।” ठाकुर ने आगे राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी बांसवाड़ा तो आते हैं पर भीलवाड़ा नहीं जाते। उस पीड़ित महिला जिसके साथ दुष्कर्म हुआ उसके घर नहीं जाते। और ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि यहां उनकी पार्टी की सरकार है।
आगे राजस्थान में बढ़ते अपराध पर बोलते हुए ठाकुर ने कहा, “मणिपुर के मामले पर प्रधानमंत्री जी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि पूरे हिंदुस्तान में ऐसी घटना कहीं पर भी घटती है तो वह मानवता को शर्मसार करती है। प्रधानमंत्री जी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की है। मैं यहां राजस्थान के पत्रकार भाइयों से पूछना चाहता हूं की यहां जब महिलाओं के खिलाफ असंख्य अपराध हो रहे हैं और यहां का मंत्री कहता है कि यह मर्दों का प्रदेश है। और मुख्यमंत्री इस पर हंस कर सीना चौड़ा कर चलता है तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है? राजस्थान में पिछले कुछ महीनो में मणिपुर जैसी वीभत्स करने वाली कई घटनाएं हुई हैं। इसी राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल तेली की सरेआम गला रेत कर हत्या कर दी जाती है। वह पुलिस से मदद मांगने गए थे परंतु कोई मदद नहीं मिली। आखिर कौन वोट बैंक के खातिर ऐसे लोगों को संरक्षण दे रहा है? दोषियों को बेल मिलना यहां के कानून व्यवस्था पर गहरे़ प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। यहां अस्पताल में हत्या होती है। पुलिस के लोग दुष्कर्म करते हैं। जनता इनसे इन सब का बदला चुनाव में लेगी।”
जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ठाकुर ने कहा कि यह बेहद दुखद है और इसका हर कीमत पर बदला लिया जाएगा। ठाकुर ने आगे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट के सवाल पर कहा कि बीसीसीआई ने बहुत पहले ही पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर रोक लगा रखी है। “हमारा स्पष्ट मत है कि आतंकवाद और खेल एक साथ नहीं चल सकते। यही आम जनमानस की भी भावना है।” ठाकुर ने आगे कहा 26/ 11 के हमले के बाद भी यह लोग मूक दर्शक बनकर बैठे थे। सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह जी की सरकार मौन थी। नेहरू जी के दिए हुए जख्म आज तक देश नहीं भूल पाया है। कश्मीर को 370 और 35 ए के भरोसे छोड़ने से ही वहां 40,000 लोगों की हत्याएं हुई हैं। नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने कश्मीर को मुक्ति दिलाई है। पिछले 9 वर्षों में रिकॉर्ड आतंकवादियों को मारा गया है और आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है।”

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