विकास नहीं, पाक का इलाज चाहिए
तमाम विश्लेषकों का मानना है कि पाक बॉर्डर से 300 किलो मीटर अन्दर बिना किसी सह के कोई नहीं प्रवेश कर सकता।

पहलगांव कायराना हमले से पूरा देश इसका बदला लेना चाहता है किंतु प्रधानमंत्री ने शायद पीओके लेने का मन बना लिया है। जिस तरह सरकार ने जो कड़े फैसले लिए हैं उनका दूरगामी असर पाकिस्तान में पड़ने वाला हैं। सिंधु जल समझौते के रद्द होते ही पाकिस्तान के किसानों का त्राहिमाम शुरू हो गया है। भारत में लगभग वैध या अवैध रूप से चैन और आनंद ले रहे पाकिस्तानियों को ढूंढ ढूंढ कर वापस भेजा जा रहा है। जिससे पाकिस्तान पर आर्थिकी दबाव भी बढ़ेगा। सरकार के सिंधु जल समझौते रद्द करने से आसार ये है कि पाक स्वयं युद्ध की शुरुआत करेगा। भारत भी यही चाहता है कि युद्ध की शुरुआत पाक की तरफ से हो। वर्तमान परिदृश्य में भारत मजबूत है सक्षम है और अन्य सभी वैश्विक देशों से उसे पूरी छूट भी मिली है कि युद्ध की स्थित में कोई भी देश पाकिस्तान के सहयोग में नहीं खड़ा होगा यहां तक कि चीन भी पाकिस्तान की मदद नहीं करेगा। आतंक और जेहाद की चरम सीमा को पार कर चुका पाक के साथ एक भी मुस्लिम देश नहीं खड़ा है। अकेले पड़े पाक में बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब के टूटने का खतरा बना हुआ। युद्ध होते ही अलग होने मांग कर रहे राज्य इसका फायदा उठा सकते हैं।
विगत 5 वर्षों से पाक अधिकृत कश्मीर में तमाम आतंकवादी संगठनों ने अपना जेहादी सेंटर बना रखा है और एक साथ एक मंच में खड़े होकर कई रैलियां भी कर चुके हैं जहां आप जहर उगलते तमाम सरगनाओं के वायरल वीडियो देख सकते हैं। इन आतंकी संगठनों ने मिलकर पाक सरकार और सेना प्रमुख के सहयोग से पहलगांव की हृदय विदारक घटना को अंजाम दिया जहां सिर्फ और सिर्फ कुरान की 5 आयतों हदीसों का हवाला देते हुए हिंदुओं को निशाना बनाया गया। पाक के सेना प्रमुख ने तो कई बार अपने भाषणों में ये कहा कि पाक का जन्म कलमे की बुनियाद में हुआ है और इसकी रक्षा अल्लाह करेंगे और पाक के नागरिक सिर्फ काफिरों अर्थात हिंदुओं का सर कलम करते रहें।
जांच का सबसे बड़ा विषय अपने देश के अंदर छुपे उन गद्दारों को ढूंढ कर मारना जरूरी है। सरकार ने एडवाइजरी जारी की है कि यदि किसी को अपने आसपास जारी किए गए आतंकवादियों के स्कैच से मिलता हुआ व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें जिसके लिए सरकार ने 20 लाख रुपए का इनाम भी रखा हैं। दूसरी एडवाइजरी ये भी है कि देश के अंदर आपको कही कोई संदिग्ध व्यक्ति और गतिविधि नजर आए तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को अवगत कराएं।
रूस, अमेरिका, इजराइल, जर्मनी, इटली, फ्रांस आदि देशों ने अपने नागरिकों तुरंत पाक छोड़ने की एडवाइजरी जारी की। ईरान ने भारत और पाक के बीच मध्यस्थता करने का ऐलान जरूर किया है किंतु आतंक से लड़ रहे इजराइल ने भारत की हर संभव मदद का ऐलान किया है। देखा गया है कि पाक अधिकृत कश्मीर में हाल ही हुई आतंकवादी संगठनों की रैलियों और सभाओं में हमास के नामी आतंकी शामिल हुए और उनके झंडे भी लगाए गए थे।
भारत सरकार न अब इंटरनेशन दबाव में है न ही शांत बैठने वाली है हमले पहले भी हुए और इस सरकार में भी हुए। अन्तर सिर्फ इतना है कि पहले कभी एक्शन नहीं होता था। अब त्वरित एक्शन होता है। इस घटना के बाद ये जरूर है कि सरकार अब एक्शन भी बड़ा करेगी, जिसे पूरी दुनिया देखेगी। सरकार को पूरे देश, सभी दलों और कश्मीरियों का पूरा समर्थन प्राप्त है। युद्ध ही विकल्प है। विकास होता रहेगा, विकास फिर कर लेंगे। अब पाकिस्तान का विनाश देखना चाहता है पूरा देश।
देवब्रत त्रिपाठी “देव”
साहित्यकार एवं स्तंभकार




