पुलिस की सख्ती से सीलमपुर का ब्रह्मपुरी रोड हुआ अतिक्रमण मुक्त, मिली जाम से राहत

कहावत है अगर पुलिस ठान ले तो 'किसी धार्मिक स्थल से चप्पल तक चोरी न हो नहीं सकती'''' है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली। सीलमपुर के ब्रह्मपुरी रोड पर सड़क से लेकर फुटपाथ पर अतिक्रमण की इंतेहा हो चुकी थी। यहां के स्थानीय लोगों के लिए जाम मुक्त रोड एक सपना हो गया था। हालात यह हो गए थे कि कैब चालक जाम की वजह से राइड कैंसिल कर देते थे। जाम चुनावी मुद्दे बना, निगम ने कार्रवाई की। कुछ नहीं हुआ। सीलमपुर थाना पुलिस ने अतिक्रमण करने वालों पर जरा सी सख्ती की तो ब्रह्मपुरी रोड जाम मुक्त हो गया। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों के साथ ही सत्ता में बैठे विधायक व पार्षद तक राहत की सांस ले रहे हैं।
ब्रह्मपुरी रोड शाहदरा जीटी रोड को वजीराबाद रोड से जोड़ती है। सड़क के दोनो साइड रिहायशी कालोनी सीलमपुर, चौहान बांगर, ब्रह्मपुरी, घोंडा व यमुना विहार है। पीडब्ल्यूडी की इस सड़क पर फुटपाथ पर दुकानदारों व आधी सड़क पर सड़क रेहड़ी वालों ने अतिक्रमण किया हुआ था। फुटपाथ का इतना बुरा हाल था कि कोई पैदल राहगीर उसपर न चलकर सड़क पर वाहनों के बीच जल रहा था। अतिक्रमण के कारण जाम इतना था कि लोग आधे घंटे व इससे ज्यादा जाम में फंसे रहते थे। निगम की बैठकों से लेकर जिला विकास समिति की बैठकों में अनेक बार अतिक्रमण व जाम का मुद्दा गुंजता था। लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती। पुलिस भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही थी।
कुछ ही दिनों पहले नरपाल सिंह यादव सीलमपुर थाने में नए थानाध्यक्ष आए हैं। उनके आने के बाद आम लोगों को पुलिस की कार्यशौली यहां बदली नजर आ रही है। पुलिसकर्मी पिछले एक सप्ताह से खुद अतिक्रमण हटवा रहे हैं। दुकानदारों को फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं करने दे रहे हैं। सड़कों से रेहड़ी वालों को हटाया जा रहा है। पुलिस की इस थोड़ी सी सख्ती ने लोगों को जाम से राहत दी है।
उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है मानों पुलिस ने नए साल पर उन्हें जाम से मुक्ति का तोहफा दे दिया हो। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण निगम व पुलिस की मिलीभगत से होता है। पुलिस अधिकारियों ने बीट अफसराें पर नकेल कसनी शुरू हुई तो अतिक्रमण भी हटता चला गया। सिर्फ एक नए थानाध्यक्ष की सख्ती से सड़क की सूरत बदल गई। लोगों का कहना है सख्ती जारी रहनी चाहिए।
निगम व पुलिस अतिक्रमण के लिए ठहराते हैं एक दूसरे को जिम्मेदार
अतिक्रमण हटाने का काम निगम का है। निगम का कहना है जिस क्षेत्र से वह अतिक्रमण हटाता है उसके बाद पुलिस को सूचित कर कहा जाता है उस क्षेत्र पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने दें। वहां अतिक्रमण को रोकना पुलिस का दायित्व बन जाता है। लेकिन पुलिस ऐसा नहीं करती है। जब कोई पुलिस से जवाब तलब करता है तो पुलिस कह देती है अतिक्रमण को हटाना व रोकने का काम निगम का है। दोनों विभागों की लापरवाही के चलते ब्रह्मपुरी रोड पर अतिक्रमण था।

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