हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की तबाही से अब तक 95 मौतें
मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित, चंडीगढ़-मनाली हाईवे अभी भी बंद

शिमला/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश में मानसून जनित हादसों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिमाचल में 30 जून से अब तक 95 लोगों की जान जा चुकी है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से 56 मौतें बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुईं, जबकि 39 मौतें सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिले में 21 मौतें हुई हैं, जबकि 33 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें से 27 अकेले मंडी से हैं। मंडी-कुल्लू सेक्शन पर 4 मील और बिंद्रवाणी के पास चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग अभी भी बाधित है। पुलिस के अनुसार, बहाली का कार्य जारी है और जल्द ही मार्ग खुलने की संभावना है। प्रदेश में अब भी 252 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने अब तक 751.95 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। अकेले मंडी में 203 सड़कें बंद हैं, जिनमें सिराज उपमंडल की 90 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 787 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं, 612 कांगड़ा और 175 मंडी में। साथ ही 327 विद्युत ट्रांसफॉर्मर भी बंद हैं, जिनमें 166 हमीरपुर और 102 मंडी में हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को करसोग विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जमीनी हकीकत देखकर ठोस राहत योजनाएं बनाएं। ठाकुर ने कहा कि उनका खुद का विधानसभा क्षेत्र सेराज भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जहां कई लोगों की जान गई और सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं।
राज्य के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अस्थायी उपाय के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को 50 लाख रुपये और सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों को 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। राज्य में कुल 68 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें मंडी जिले के सेराज और नाचन क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस आधार पर सरकार को कम से कम 37 करोड़ रुपये सड़क बहाली कार्यों के लिए जारी करने होंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जल्द ही केंद्र से अधिकतम सहायता की मांग करेगी। मैं जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करूंगा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि सिराज विधानसभा क्षेत्र में पेयजल योजनाओं की बहाली युद्धस्तर पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि आपदा में कुल 241 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं थीं, जिनमें से 150 आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं और शेष पर कार्य तेज़ी से जारी है।




