पति-पत्नी चला रहे थे टप्पेबाजी गैंग, आगरा पुलिस ने पांच टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया

Husband and wife were running a gang of pickpockets, Agra police arrested five pickpockets

आगरा/उत्तर प्रदेश। आगरा पुलिस ने एक ऐसे टप्पेबाजों के गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसे पति-पत्नी मिलकर चलाते थे। टप्पेबाज सीधे-साधे लोगों को बातों में फंसाकर उन्हें लूटते थे। कुछ समय पहले गैंग ने खुदाई में सोना बताकर एक व्यक्ति से 5 लाख रुपये ठग लिए थे, जब व्यक्ति ने सोना चेक कराया तो वह नकली निकला। पीड़ित ने थाना हरिपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में लगी थी। गुरुवार को थाना पुलिस ने गैंग के 5 सदस्यों को अरेस्ट किया है, जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं।एसीपी हरिपर्वत आदित्य कुमार ने बताया कि मेरठ के रहने वाले धर्मेंद्र गैंग का मुख्य सरगना है। वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता है। उन्होंने बताया कि गैंग ने उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया है। आगरा में ही 6 अलग-अलग जगहों पर वारदातें की हैं। पुलिस को आरोपियों से 3.78 लाख नकद और सोने-चांदी की नकली गिन्नी बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों में धर्मेंद्र उर्फ धर्मा निवासी टीपी नगर मेरठ, सूरज शर्मा निवासी कानपुर देहात और शंकर निवासी नागरल नई दिल्ली समेत दो महिलाएं शामिल हैं।
शातिरों ने पुलिस को बताया कि आगरा में उन्होंने सबसे पहले थाना हरिपर्वत के पास दिल्ली गेट पर मिले एक व्यक्ति को शिकार बनाया। उसे असली चांदी का सिक्का देकर कहा था कि वह मजदूर है। मेट्रो खुदाई का काम कर रहा है। खुदाई के दौरान उसे सोने और चांदी के सिक्कों से भरा एक घड़ा मिला है। जिसे वह बेचना चाहता है। जब व्यक्ति ने सिक्का चेक करवाया तो वह असली निकला। इसके बाद रामबाग चौराहे पर उसे फोन करके बुलाया और व्यक्ति को बैग में सोने चांदी के सिक्के बताकर दे दिया। इसके बदले ठगों ने व्यक्ति से 5 लाख रुपये ले लिए और चंपत हो गए। व्यक्ति ने जब सिक्कों को जौहरी से जांच करवाया तो सब के सब नकली निकले।
गैंग के सरगना धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह इटावा का मूल निवासी है। मेरठ में पत्नी के साथ किराए पर रहता है। वारदात करने के लिए वह फर्जी सिम का इस्तेमाल करता है। सिम के लिए सूरज नाम का व्यक्ति उसकी मदद करता है। सूरज केनोपी लगाकर मोबाइल सिम बेचता है। उन्होंने आगरा के आसपास के इलाकों में करीब 22 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। वारदात करने के बाद वह अपने ठिकाने बदल दिया करते थे। एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह ने बताया कि पकड़े गए पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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