रुपयों की बारिश, बुढ़ापे में सेक्स,जानें दोमुंहे सांप की क्यों है करोड़ों में कीमत

मुंबई ब्यूरो। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण शहर में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि ये 70 लाख रुपये की रेड सैंड बोआ (दोमुंहा सांप) बेच रहे थे। खड़कपाड़ा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सरजेराव पाटिल ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कल्याण पुलिस ने जाल बिछाकर घंडारी पुल के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी टिटवाला, वाडा, पालघर, मनोर और भिवंडी इलाकों के रहने वाले हैं, उन्होंने कहा कि पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश में है जो भागने में सफल रहा। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में भारतीय दंड संहिता और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों की इन दोमुंहा सांपों को लेकर चिंता बढ़ रही है। दोमुंहा सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत शेड्यूल 5 में आता है। इसका मतलब है कि अगर किसी को दोमुंहा सांप मिलता है तो उसकी जानकारी वह वन विभाग को देगा। उसका डॉक्युमेंटेशन होता है अगर कोई ऐसा नहीं करता तो यह कानूनन अपराध है। इंटरनैशल मार्केट में इन सांपों की बहुत डिमांड है। इसके अलावा समाज में फैले कई मिथकों के चलते भी इन दोमुहे सांपों की कीमत बहुत ज्यादा है।
अधिकारियों ने बताया कि दोमुंहे सांप को इंटरनैशनल मार्केट में बहुत डिमांड है। उससे सेक्स वर्धक सहित कई अन्य दवाएं बनाई जाती हैं। इतना ही नहीं दोमुंहे सांप को लेकर कई लोगों में मिथक है। वे मानते हैं कि दोमुंहा सांप भाग्य के लिए अच्छा होता है। कई जगह इसका प्रयोग काला जादू के लिए भी किया जाता है। मलेशियन मानते हैं कि जिसके पास दोमुंहा सांप होता है उसका भाग्योदय हो जाता है।
विदेशों के लोग भी मिथकों का शिकार
अधिकारियों की मानें की दोमुंहे सांपों को लेकर जो भी मिथ फैले हैं उनके शिकार कई पढ़े-लिखे लोग भी हैं। लोगों को लगता है कि अनुष्ठान में इन सांपों का प्रयोग करने के बाद उनके ऊपर रुपयों की बारिश होगी। एनआरआई, सेवारत और सेवानिवृत्त नौकरशाहों, राजनेताओं और कई अमीर व्यापारियों सहित सभी वर्गों के लोग इस मिथ का शिकार हैं। विदेशों से कई लोग भारत की यात्रा करते हैं ताकि वे इन सांपों को यहां से तस्करी करके ले जाएं। इन सापों को तस्करों ने कोड दिया है डबल इंजन।
सेक्स से लेकर एड्स तक की बनती हैं दवाएं
मध्य एशिया के देशों माना जाता है कि दोमुंहे सांप का मांस खाने से कई तरह की बीमारियां ठीक हो जाती हैं। दावा यहां तक है कि इस सांप के मास से एड्स का मरीज तक स्वस्थ्य हो जाता है। इन सांपों का मास खाने से पुरुषों में सेक्स पावर बुढ़ापे तक बनी रहती है, इसलिए पुरुष इसे खाते हैं। चीन में इसकी सेक्स वर्धक दवाएं भी बनती हैं।
सर्वशक्तिमान बनाने का मिथक
वहीं कई तांत्रिक इसका अनुष्ठानों में प्रयोग करते हैं। आदिम कबील मानते हैं कि इन सांपों को लेकर अनुष्ठान करने से वह सर्वशक्तिमान ईश्वरीय ताकत को भी अपने कंट्रोल में कर सकते हैं। मलेशिया में लोग दोमुंहे सांप को शुभ मानते हैं। उनकी मान्यता है कि जिसके पास यह सांप होता है उसका भाग्योदय होता है। उसके यहां धन की बारिश होती है।
ऐसा होता है दोमुंहा सांप
यह सांप बालू के नीचे छिपा रहता है, इस वजह से इसका नाम सैंड बोआ पड़ा है। अनाकोंडा की तरह उसकी आंखें उसके सिर पर होती हैं। वह बालू में इस तरह छिप जाता है कि उसका सिर सिर्फ बालू के बाहर नजर आता है। इस तरह जैसे ही शिकार करीब आता है, यह उस पर हमला कर देता है। इसको पालतू भी बनाकर रखा जा सकता है। एक छोटे से टैंक में बालू की एक परत बिछाकर उसके नीचे इसे रखा जा सकता है। इसको गर्म रखने के लिए पास में एक छोटा हीट पैड या छोटा हीट लैंप रखा जा सकता है। दोमुंहा सांप को पकड़ना बहुत आसान होता है। ये सांप जहरीले नहीं होते हैं। इनका आकार मोटा होता है। ये बहुत सुस्त होते हैं। बहुत धीमे रेंगते हैं। इनमें फुर्ती बिल्कुल नहीं होती है। जिस कारण ये जल्दी भाग नहीं पाते हैं। ठंड के दौरान दोमुंहे सांप खुद को बचाने के लिए चूहे के बिल में छिप जाते हैं। कहते हैं कि ये अपना बिल तक नहीं बनाते हैं। एक दोमुंहे सांप की उम्र लगभग 15 से 20 साल की होती है।




