दिल्ली में जुगाड़ गाड़ियों का आतंक, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से जनता परेशान

नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही जुगाड़ गाड़ियां (बाइक के पीछे इंजन लगी लकड़ी और लोहे की बॉडी) पर्यावरण और ट्रैफिक दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर रही हैं। ये न सिर्फ प्रदूषण फैला रही हैं बल्कि ट्रैफिक जाम भी लगा रही हैं। इन जुगाड़ गाड़ियों का इस्तेमाल थोक बाजारों के साथ-साथ लोहा और लोहे की रॉड बेचने वाले, साप्ताहिक बाजार और रेहड़ी-पटरी वाले भी तेजी से कर रहे हैं। ये गाड़ियां ट्रैफिक नियमों का भी उल्लंघन करती हैं। इनसे निकलने वाला धुआं भी पर्यावरण प्रदूषण का कारण बन रहा है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सदर बाजार और आजाद बाजार में ऐसी गाड़ियों की भरमार है, जिनमें आगे बाइक के इंजन और पीछे लकड़ी की गाड़ियां लगी होती हैं। ये गाड़ियां बहुत शोर भी करती हैं। ऐसी गाड़ियों पर रोक के बावजूद, ये बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के सामान ले जा रही हैं और ट्रैफिक पुलिस इन पर काबू नहीं पा रही है।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (FESTA) के प्रेसिडेंट के मुताबिक, ये जुगाड़ गाड़ियां न तो रजिस्टर्ड हैं और न ही उनके पास कोई डॉक्यूमेंट है। अगर इन गाड़ियों के पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है तो लाइसेंस कैसे मिलेगा? इन जुगाड़ गाड़ियों में लगभग 20 साल पुरानी गाड़ियों के मोटर लगे होते हैं। ये डीजल या पेट्रोल से चलती हैं और काला धुआं छोड़ती हैं। ये जुगाड़ गाड़ियां सामान से ओवरलोड होती हैं, ट्रैफिक नियमों को तोड़ती हैं और पुलिस के सामने से गुजरती हैं।

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