प्रॉपर्टी पर कब्जा करवाने के आरोप में करावल नगर थाने के पूर्व एसएचओ के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

उत्तर पूर्वी दिल्ली। करावल नगर थाने में दिल्ली के एक और एसएचओ के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। एफआईआर में एसएचओ के अलावा एक सब इंस्पेक्टर पर एक प्रॉपर्टी पर महिला से कब्जा करवाने का आरोप लगा है। आरोपी एसएचओ पहले इसी थाने में एसएचओ रहे हैं। अब वह दूसरे जिले के थाने में तैनात हैं। डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट डॉ. जॉय टिर्की का कहना है मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की छानबीन जारी है।एडवोकेट अरुण शर्मा और प्रदीप चौहान ने बताया, उनके मुवक्किल गौरव कुकरेजा का करावल नगर इलाके में एक प्लॉट है। इसी पर एक महिला दावा करने लगी कि यह प्लॉट उसका है। विवाद हुआ तो दोनों की ओर से पुलिस कॉल भी हुई। कुकरेजा ने पुलिस में शिकायत की तो आरोप है कि पुलिस महिला को सपोर्ट करने लगी। जिस पर अपने वकीलों के जरिए कुकरेजा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में एक कॉल रिकॉर्डिंग भी सुनवाई, जिसके जरिए एसएचओ, करावल नगर पर कब्जा करवाने का आरोप लगाया। साथ ही कोर्ट को सबूत दिए कि वो प्लॉट उनका है। कोर्ट की अगली सुनवाई पर एसएचओ कोर्ट में पेश हुए, जिस पर उन्होंने कहा कि उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह सिर्फ पीसीआर कॉल पर गए थे। कोर्ट ने एसएचओ को अपना जवाब लिखित में देने के लिए कहा है। साथ ही आला अधिकारियों से इस मामले पर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट देते हुए जानकारी दी कि इस मामले में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
कोर्ट में 7 मिनट 48 सेकेंड की कॉल रिकॉर्डिंग थी। दावा किया गया है कि कॉल पर कुकरेजा की ओर से उनका पार्टनर और पुलिस की तरफ से एक प्रॉपर्टी डीलर बात कर रहा है। इस कॉल से पहले भी डीलर ने एक कॉल कर पीड़ित के पार्टनर को सात लाख रुपये देकर मामला सेटल करने का ऑफर दिया था। पीड़ित के फोन में रिकॉर्डिंग नहीं होती इसलिए उसने दोबारा अपने बेटे के फोन से डीलर को फोन किया था। डीलर उसमें कह रहा है कि एसएचओ पूरे इलाके का मालिक होता है। कल वह वहां पर 10 पुलिसवाले खड़े होकर तुम्हारे प्लॉट की बाउंड्री करवाएंगे। पैसे में बहुत दम है। आओ वह तुम्हें फ्रूटी पिलाएंगे। मामले में दो पीसीआर कॉल हुई हैं, इसलिए अब पैसा डीसीपी तक को जाएगा। डीसीपी के एक ड्राइवर का भी रिकॉर्डिंग में नाम लिया गया था।
डिपार्टमेंटल एन्कवाइरी के चलते हुए एसएचओ की पोस्टिंग होना हैरत भरा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, इतने गंभीर आरोपों से घिरे इंस्पेक्टर को बीते मार्च महीने में एसएचओ, करावल नगर से हटाकर एसएचओ, बुद्ध विहार बना दिया गया था। यह कदम काफी हैरत भरा था। क्योंकि नियम है कि अगर किसी की डीई (डिपार्टमेंटल एन्कवाइरी) चल रही हो तो उसे कोई सेंसिटिव पोस्टिंग नहीं दी जा सकती। अब एसएचओ पर केस दर्ज हो गया है। मगर वह अब भी थाने में ही तैनात है। जबकि कुछ दिन पहले ही इंस्पेक्टर का पीसीआर में ट्रांसफर का ऑर्डर आ चुका है।




