मथुरा में ‘रक्षक’ बने ‘भक्षक’, पुलिसकर्मियों ने हिस्ट्रीशीटर संग मिलकर हनीट्रैप से की लाखों की वसूली

मथुरा/उत्तर प्रदेश। मथुरा के थाना फरह क्षेत्र में ‘रक्षक’ ही ‘भक्षक’ बन गए। यहां की ओल चौकी पुलिस ने एक शातिर हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर खाकी को शर्मसार करने वाली साजिश रची। एक व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाकर बंधक बनाने और लाखों की वसूली करने के मामले में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी श्लोक कुमार के आदेश पर चौकी प्रभारी और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना की जड़ में मुआवजे की एक मोटी रकम है। पीड़ित जगदीश सिंह निवासी आगरा की जमीन रेलवे ने अधिग्रहित की थी। इसकी जानकारी जब सपना उर्फ राजवाला और उसके साथी श्याम जाट को हुई, तो उन्होंने जगदीश के पैसे हड़पने के लिए ओल कस्बे के हिस्ट्रीशीटर खूबी प्रधान के साथ मिलकर जाल बुना।
साजिश के तहत 31 जनवरी 2026 को सपना ने जगदीश को फोन कर ओल बुलाया। वहां खूबी प्रधान उसे एक मकान की ऊपरी मंजिल पर ले गया, जहां पहले से ही वीडियो बनाने का इंतजाम था। कुछ ही देर में खूबी प्रधान, ओल चौकी इंचार्ज और एक सिपाही को साथ लेकर वहां पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने जगदीश को डराया-धमकाया और उसे रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर चौकी ले आए।
पीड़ित का आरोप है कि उसे शाम तक चौकी में बंधक बनाकर रखा गया। छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की गई। डर के मारे पीड़ित ने 1 लाख रुपये तुरंत दे दिए और बाकी 4 लाख रुपये 2 फरवरी तक देने का वादा किया। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने गारंटी के तौर पर पीड़ित की कार हिस्ट्रीशीटर प्रधान के घर खड़ी करवा ली। एसएसपी का सख्त एक्शन जब यह मामला एडीजी आगरा जोन तक पहुंचा, तो मथुरा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए हैं। हिस्ट्रीशीटर खूबी प्रधान, महिला सपना, चौकी इंचार्ज और सिपाही के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जल्द ही सबकी गिरफ्तारी होगी।
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