कोर्ट के नोटिस का जवाब न देना तहसीलदार को पड़ा भारी, अदालत ने अटैच की सरकारी गाड़ी
Not responding to the court's notice cost the Tehsildar dearly, the court attached his government vehicle

सोहना/गुरूग्राम। अदालत के नोटिस का जवाब न देना सोहना के तहसीलदार को भारी पड़ गया। अदालत ने वारंट ऑर्डर जारी कर सोहना तहसीलदार गुरदेव सिंह की सरकारी गाड़ी अटैच कर दी। जमीन का इंतकाल दर्ज कराने को लेकर एक महिला ने तहसील समेत कई कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद मार्च में सोहना अदालत में अर्जी दाखिल की थी।
मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 16 जून को यह आदेश दिए। सोहना की रहने वाली फरियादी महिला जग्गो की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है जग्गो अपनी भूमि का इंतकाल दर्ज कराने के लिए पिछले करीब पांच वर्षों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रही थीं।
कई बार तहसीलदार सहित संबंधित पटवारी और अन्य क्षेत्रीय राजस्व कर्मियों के यहां फरियाद की, लेकिन उनकी भूमि का किसी ने इंतकाल दर्ज करवाने में सहयोग नहीं किया और न ही तहसीलदार ने उनकी समस्या का समाधान निकाला। मजबूर होकर महिला ने अदालत का सहारा लिया।
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 28 मई को तहसीलदार सोहना को इस मामले में पक्ष के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी तहसीलदार की ओर से नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया।
इस पर सोहना अदालत के जज सुमित कुमार सैनी ने 16 जून को तहसीलदार को इंतकाल दर्ज करने के आदेश जारी करते हुए तहसीलदार की सरकारी गाड़ी अटैच कर दी। आदेश में कहा गया कि जब तक फरियादी जग्गो की भूमि का इंतकाल दर्ज नहीं किया जाएगा, गाड़ी अटैच रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।




