व्यापारी से 20 लाख की वसूली पर दो दारोगाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज, इंस्पेक्टर निलंबित
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मेरठ/उत्तर प्रदेश। लोहियानगर थाने की बिजली बंबा चौकी पर तैनात दारोगाओं ने खाकी की मर्यादा को तार-तार कर दिया। धागा व्यापारी को उठाकर तीन घंटे अगवा कर कार में घुमाया। परिवार से तीन किश्तों में 20 लाख की रकम वसूली। चौथी बार रकम मांगने पर मजबूरी में व्यापारी ने एसपी सिटी को मौखिक शिकायत की। रविवार को दोनों को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया। इन दोनों के साथ-साथ इंस्पेक्टर लोहियानगर को भी निलंबित कर दिया गया है। तीनों ही पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच बैठा दी गईं।
लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद में राशिक पुत्र इदरीश की धागे की दुकान और कपड़े का कारखाना हैं। राशिक के साथ उसका भाई रागिब की कारखाने पर बैठता हैं। एक दिसंबर को दोनों भाईयों ने दुकान और कारखाना पर बैंक से डेढ़ करोड़ की लिमिट बनवाई। बैंक ने उनके खाते में डेढ़ करोड़ की रकम ट्रांसफर कर दी। उसके बाद पुलिस के मुखबिर चीनू ने लोहियानगर थाने के दारोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार को राशिक पर डेढ़ करोड़ होने की सूचना दी।
दोनों दारोगा ने थाने की सीमा पार करते हुए लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद स्थित घर से राशिक को नौ दिसंबर शाम चार बजे को कार में उठा लिया। उसके बाद राशिक को हापुड़ तक ले गए। धमकी दी गईं कि दिल्ली के ब्लास्ट में उनका नाम खुलवा दिया जाएगा।
राशिक घबरा गया, उसने अपने भाई रागिब और बहनोई नईम को हापुड़ रोड पर बुलाया। राशिक को छोड़ने की एवेज में दोनों दारोगा ने 50 लाख की डिमांड की। उसके बाद 20 लाख में सौदा तय हो गया। रागिब और नईम ने 14 लाख की रकम घर से लाकर दोनों दारोगा को सौंप दी। उसके बाद राशिक को छुड़ाकर ले गए। तय हुआ कि दस जनवरी को छह लाख की रकम दी जाएगी।
छह जनवरी को नईम ने अपने खाते से पांच लाख और एक लाख की नकदी ले जाकर दारोगा को सौंप दी। रकम लेने के बाद दारोगा ने राशिक की एक वीडियो बनाई कि उसके साथ पुलिस ने कुछ नहीं किया। 11 जनवरी को दारोगा ने फिर नईम को काल कर बताया कि 14 लाख की नकदी में रकम 13 लाख थी।
एक लाख की रकम और देनी पड़ेगी। तब नईम ने फिर से एक लाख की रकम नौचंदी ग्राउंड में बुलाकर दोनों दारोगा को दे दी। 21 जनवरी को दारोगा लोकेंद्र साहू ने नईम और राशिक को वाट्सएप काल की। तीन दिनों तक व्यापारी ने काल रिसीव नहीं की। तब उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। काल रिसीव करने पर चौथी बार पांच लाख की रकम मांगी गई। तब व्यापारी ने दोनों दारोगा के मोबाइल की लोकेशन निकालकर 28 जनवरी को एसपी सिटी से शिकायत की। जांच में सभी आरोप सही पाएंगे। इसी बीच चार फरवरी को एसएसपी विपिन ताडा का स्थानांतरण हो गया। अविनाश पांडेय की एसएसपी पद पर तैनाती के बाद पांच फरवरी को दोनों दारोगा ने गर्दन बचाने के लिए 15 लाख की रकम वापस कर दी। मामला एसएसपी के संज्ञान में आने पर इंस्पेक्टर टीपीनगर अरुण मिश्रा ने नेतृत्व में टीम बनाकर दोनों दारोगा को हिरासत में ले लिया गया।




