सुंदर भाटी गैंग का शार्प शूटर गिरफ्तार, घर से मिले आठ पिस्टल, बुलेट प्रूफ स्कॉर्पियो

ग्रेटर नोएडा। शुक्रवार की रात को ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित गांव जुनेदपुर की मढ़ैया से भारी विरोध के बीच गिरफ्तार किए गए सुंदर भाटी गैंग के शार्प शूटर संदीप नागर अपने घर के चारों ओर भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी को देखकर घबरा गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पुलिस के पैरों में पड़ गया था। संदीप के साथ ही पुलिस ने वहीं से उसके साथी दादरी के गांव रिठौरी निवासी अशोक शर्मा को भी गिरफ्तार किया था। यहां से पुलिस ने बुलेट प्रूफ कार, पिस्टल, एक लाइसेंसी रायफल, एक एयर गन बरामद की है।
संदीप नागर को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने सुंदर भाटी गैंग के ही तीन सदस्य नितिन बढ़पुरा, दिनेश घंघोला, रिंकु नारौली को गलगोटिया विश्वविद्यालय के पास से गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्टल, चार तमंचे मिले थे। पूछताछ में इन लोगों ने बताया था कि यह हथियार संदीप नागर ने ही उपलब्ध कराए थे। बरामद की गई रायफल लाइसेंसी है लेकिन यह संदीप के नाम पर नहीं है। लाइसेंस किसी और के नाम पर है। अन्य हथियार अवैध हैं। शार्प शूटर संदीप नागर को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला कर कोतवाली प्रभारी की गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने व पथराव करने वाले करीब 36 ग्रामीणों को नामजद करते हुए पुलिस ने बलवा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
संदीप नागर की गिरफ्तारी की तयशुदा कोई योजना नहीं थी। संदीप घर पर है या नहीं यह ठीक जानकारी पुलिस को नहीं थी। शुक्रवार की रात गैंग के दो सदस्य चेकिंग के दौरान पकड़े। इनसे जब संदीप के घर पर होने की जानकारी हुई तो तुरंत ही पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि चेकिंग के दौरान गलगोटिया विश्वविद्यालय के पास से नितिन और दिनेश को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। दोनों के पास से तीन अवैध पिस्तौल बरामद हुई थी। इन दोनों ने बताया कि जुनेदपुर मढैया गांव निवासी शार्प शूटर संदीप नागर से वह हथियार खरीदते हैं। इसी सूचना पर पुलिस देर रात ही गांव में संदीप नागर को गिरफ्तार करने की योजना बनाई।। पुलिस ने जाते ही संदीप को घर में दबोच लिया था। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने संदीप को बचाने के लिए पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जब पुलिस ने संदीप को घर में दबोचा तो संदीप ने पुलिस अधिकारियों के पैरों में गिड़गिड़ाने लगा और अपने बचाव के लिए विभिन्न तरह के लालच अधिकारियों को देने का प्रयास किया।
शनिवार को गांव में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। गांव के युवा व पुरुष सभी गांव से फरार थे। पुलिस के पहरे की मौजूदगी में महिलाएं ही अपना घरेलू कामकाज करती दिखाई दी। गांव में घटना के विषय में गांव की महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार करने के बाद भी घरों में तोड़फोड़ की। ग्रामीण रामवीर का परिवार एक कार्यक्रम में गया हुआ था। इसके बाद भी पुलिस ने घर में चूल्हे, चारपाई व पंखा आदि तोड़ दिए। इसके बाद नरेश, रोहतास व चमन आदि के घरों में भी नाबालिग बच्चों को बुरी तरह पुलिस द्वारा पीटा गया और घरों में तोड़फोड़ की गई। जिसके डर से बच्चे बुजुर्ग व युवा गांव खाली कर घरों को छोड़कर फरार हो गए हैं। महिलाएं घरों में डरी हुईं कामकाज कर रही है। पुलिस का पहरा गांव में अभी भी बरकरार है।



