9 महीने तक खाते रहे साइबर थाने के धक्के, साइबर थाने और आईएफएसओ के बीच घूमती रही ठगी की शिकायत

दिल्ली ब्यूरो। इस साल जनवरी-फरवरी में ठगों ने एक कारोबारी का फोन हैक कर उनके खाते से 10.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। आरोप है कि पीड़ित कारोबारी नॉर्थ ईस्ट जिला साइबर थाने से लेकर स्पेशल सेल की द्वारका स्थित साइबर यूनिट आईएफएसओ तक चक्कर काटते रहे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। आखिरकार 9 महीने बाद 15 अक्टूबर को साइबर थाने में अब केस दर्ज हुआ। पुलिस उन खातों को खंगाल रही है, जिनमें पैसा ट्रांसफर हुआ था। एक खाते से एटीएम के जरिए पैसा निकाला गया। कुछ रकम दिल्ली के एक खाते में ट्रांसफर हुई है।देवेंद्र कुमार (43) परिवार समेत करावल नगर के मुकुंद विहार में रहते हैं। वह जींस का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। इस साल जनवरी-फरवरी में अपने गांव में मकान बनवाने गए थे। वहां, दो बार उनका फोन हैक हुआ। पहली बार उन्होंने बेगूसराय से ही उसी नंबर का नया सिम कार्ड लिया। दूसरी बार हैक होने पर दिल्ली आकर नया सिम कार्ड लिया।

यहां आने पर नई सिम ली तो बैंक ट्रांजेक्शन के कुछ मेसेज आए। पीएनबी की ब्रांच में पता चला कि उनके खाते से 3 बार में 10.90 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। उनका दावा है कि उन्होंने किसी को अपना पिन नंबर नहीं बताया है। उन्होंने बैंक मैनेजर को इसकी जानकारी दी, तो पीएनबी की पुणे ब्रांच के खाते में ट्रांसफर हुए 4.10 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए गए। बाकी रकम एचडीएफसी बैंक की पुणे ब्रांच में ट्रांसफर हुई थी, जिसे आरोपियों ने निकाल लिया। पीड़ित के अनुसार 12 फरवरी को नॉर्थ ईस्ट जिले के साइबर थाने में उन्होंने शिकायत दी, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ।
उनसे कहा गया कि 10 लाख से ज्यादा का मामला है, जो आईएफएसओ द्वारका ट्रांसफर होगा। पीड़ित ने आईएफएसओ दफ्तर के चक्कर लगाए, लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। नॉर्थ ईस्ट जिले के डीसीपी ऑफिस में गुहार लगाई, तब जाकर 15 अक्टूबर को केस दर्ज हो सका। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि एचडीएफसी बैंक के खाते से 5.90 लाख रुपये एटीएम से निकाले गए और कुछ रकम दिल्ली के एक अकाउंट में ट्रांसफर हुई है। पुलिस अब बैंक खातों और पीड़ित की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि पता लगा कि हैक करने के बाद ये कहां एक्टिवेट था।

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