कंगना रनौत के बयान से बढ़ा सियासी विवाद: जेन जी प्रदर्शनकारियों पर की तीखी टिप्पणी, बताया ‘गटर छाप’
बीजेपी सांसद ने जेन जेड की महिलाओं को तथाकथित पश्चिमी भारतीय महिलाएं बताया। उन्होंने कहा कि वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छी नहीं होतीं लेकिन इतनी बदसूरत और भ्रष्ट होती हैं कि घर भी नहीं संभाल सकतीं।

नई दिल्ली/एजेंसी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल जेनरेशन Z (Gen Z) प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए गए अपने बयान से नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कंगना रनौत ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शन में शामिल युवाओं, खासकर महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने जेन जी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनकी जीवनशैली और सोच की आलोचना की। उनके बयान में आधुनिक जीवनशैली अपनाने वाली युवतियों को निशाना बनाया गया, जिसे कई लोगों ने असंवेदनशील और आपत्तिजनक बताया है।
नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित आंदोलन में शामिल महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ आती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र जीवनशैली अपनाने के लिए आत्मनिर्भरता और जवाबदेही आवश्यक है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने आधुनिक युवाओं के व्यवहार और भाषा शैली पर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर व्यापक आलोचना हो रही है। कई यूजर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके बयान को अनुचित और असम्मानजनक बताया है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले अपने आंदोलन को हाल ही में समाप्त करने की घोषणा की थी। पार्टी का कहना था कि सरकार द्वारा उनकी प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन वापस लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कंगना रनौत के बयान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक जिम्मेदारी और राजनीतिक संवाद की मर्यादा जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है।




