आबू धाबी की जेल में कैद है शहजादी, क्या पीएम नरेंद्र मोदी रुकवा पाएंगे उसकी फांसी?
बांदा/उत्तर प्रदेश। यूपी के बांदा जनपद की रहने वाली समाज सेविका शहजादी यूएई की अबू धाबी जेल में बंद है। उस पर बच्चे की हत्या का आरोप है। उसे किसी भी दिन फांसी पर लटकाया जा सकता है। शहजादी के पिता शब्बीर से लेकर कांग्रेस और विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के लोगों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से शहजादी को फांसी के फंदे से बचाए जाने की अपील की है। पिता का कहना है कि मुझे प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है कि वह मेरी बेटी को बचाकर वतन वापस लाएंगे।
पिता शब्बीर का कहना है कि यूएई की अदालत ने निर्दोष शहजादी को बच्चे की हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा दी थी। इसके बाद 2 मई 2024 को फांसी देने की तिथि भी तय कर दी थी। लेकिन इसी दौरान वहां बाढ़ आ गई। इससे राजकीय परिवार के एक सदस्य की मौत हो जाने पर वहां 8 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया। तब शहजादी को निर्धारित तिथि पर फांसी नहीं हो सकी। अब उसे अक्टूबर में फांसी दिए जाने की संभावना थी लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में उसके साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार की एफआईआर बांदा में दर्ज हो गई है। इससे विरोधी पक्ष सक्रिय हो गया, उन्होंने यूएई की कोर्ट में याचिका दायर कर जल्दी से जल्दी शहजादी को फांसी दिए जाने की अपील की। पिता के मुताबिक यह बात उसकी बेटी ने दो दिन पहले फोन पर भी बातचीत में बताई है।
बांदा पुलिस ने चार दिन बाद भी नहीं शुरू की जांच
पिता शब्बीर का यह भी कहना है कि बेटी को प्रेम जाल में फंसाने व उसे अरब में बेच देने सहित उसके एटीएम से पैसा निकाल कर धोखाधड़ी करने के मामले की रिपोर्ट कोतवाली नगर में दर्ज है। रिपोर्ट दर्ज होने के चार दिन बाद भी पुलिस ने अभी तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। उसका कहना है कि पुलिस की इस लापरवाही से उसकी बेटी फांसी पर लटक जाएगी। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी की जिंदगी पुलिस की निष्पक्षता पर निर्भर है, जांच से ही तय हो पाएगा कि उसे रिहाई मिलेगी या फांसी होगी।
बताते चलें कि मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव की रहने वाली शहजादी (33) को आगरा के निवासी उजैर ने फेसबुक के जरिए प्रेम जाल में फंसाया। उसे आबू धाबी की संस्था में काम दिलाने का झांसा देकर आगरा के एक दंपति, जो वहां रहते हैं उनके हाथ शहजादी को बेच दिया था। जहां दंपति के बेटे की गलत इलाज से मौत हो गई। लेकिन दंपति ने शहजादी को आरोपी बना दिया और कोर्ट ने शहजादी को फांसी की सजा दी है। वहीं पिता शब्बीर में इस मामले में प्रेमी और दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी जैसे कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
इधर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दुबे प्रदुम्न दुबे लालू और जनता दल यू की प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष शालिनी पटेल ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर मांग की है कि आबू धाबी के जेल से शहजादी को मुक्त कराया जाए, उसे भारत लाया जाए। इसी तरह बनांगना सेवा संस्था की सबीना मुमताज का कहना है की शहजादी के प्रकरण में भारत सरकार को हस्तक्षेप कर पूरे मामले की पुनः जांच करवाना चाहिए। किसी निर्दोष को फांसी नहीं होना चाहिए। बांदा में दर्ज मुकदमे की न्यायिक जांच जल्द से जल्द कराई जाए तभी असलियत सामने आएगी।




