खुशखबरी! बस चंद दिनों का इंतजार, आजमगढ़ एयरपोर्ट से भरिए सीधी उड़ान

आजमगढ़,(उत्तर प्रदेश)। आजमगढ़ में हवाई उड़ान भरने का सपना देखने वालों का सपना जल्द ही सच हो होने जा रहा है। जनपद वासी भी आजमगढ हवाई अड्डे से उड़ान भरने लगेंगे। इसके लिए भारत सरकार से नो ऑब्जेक्शन की हरी झंडी मिल गई है। उम्मीद है कि अब चंद दिनों में आजमगढ एयरपोर्ट से घरेलू उडान शुरू हो जायेगी। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर पश्चिम तरफ मंदुरी हवाई अड्डा स्थित है। आजमगढ़-अयोध्या मुख्य मार्ग पर स्थित मंदुरी हवाई अड्डा करीब 104 एकड़ जमीन में बनाया गया है। साल 2005 में यहां पहले हवाई पट्टी थी। जहां पर कई बार नेताओं के विमान उतरकर उड़ान भर चुके हैं। नवंबर 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंदुरी हवाई पट्टी का विस्तार करते हुए उसे हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई।
अप्रैल 2019 में निर्माण कार्य के लिए शासन द्वारा 18.21 करोड़ रुपये का बजट जारी किया। पैसा मिलने के बाद निर्माण कार्य जोर पकड़ा और हवाई अड्डा बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को नोडल नियुक्त किया गया था। निर्माण कार्य वाराणसी एयरपोर्ट अथारिटी की देखरेख में संपन्न हुआ है। इस हवाई अड्डे का कई बार वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट अथारिटी निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट सौंप चुके हैं। जून 2022 को शासन के निर्देश पर इस हवाई अड्डे को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लेकिन काफी दिनों बाद केन्द्र सरकार से नो आब्जेक्शन का सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा था। जिससे उड़ान संभव नहीं थी लेकिन अब यूपी शासन में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एसपी गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी है।
एसपी गोयल ने लिखा है कि केंद्र सरकार की तरफ से मुरादाबाद, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट व श्रावस्ती में एयरपोर्ट को ऑपरेशनलाइजेशन के लिए नो ऑब्जेक्शन दिया गया है। उम्मीद है कि घरेलू उड़ान के लिए आजमगढ़ से जल्द सेवा शुरू हो सकती है। नो आब्जेकशन का सिर्टिफिकेट मिलने के बाद कभी भी आजमगढ़ से उड़ान शुरु हो सकती है। वहीं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि मुख्यमंत्री आजमगढ़ के विकास पर ध्यान दे रहे है। निश्चित रूप से आने वाला समय इस जिले के लिए शानदार होगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में 19 एयरपोर्ट बन रहे जिसमे 5 अर्न्तराष्टीय एयरपोर्ट बन रहे है। उत्तर प्रदेश वायु मार्ग से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण राज्य होगा।




