बैरी सोथरापुर माइनर में तीन दशक से पानी न आने के कारण नहर का अस्तित्व हो रहा समाप्त

सत्येंद्र शुक्ला,(फतेहपुर/उत्तर प्रदेश)। दिल्ली रामगंगा माइनर से निकला मझली नहर से बैरी सोथरापुर माइनर में तीन दशक से पानी न आने के कारण नहर का अस्तित्व दिन प्रतिदिन समाप्त हो रहा है जो की सफाई का कार्य इस माइनर में नहीं किया गया क्षेत्रीय किसान थोड़ा बहुत जमीन ट्यूबवेल के सहारे से सिंचाई करते हैं। जबकि योगी सरकार एक तरफ किसानों की दुगनी आय का ढिंढोरा पीठ रहीं हैं वही नहर विभाग के आला अधिकारी ऑफिस में बैठकर हवा हवाई जुमलेबाजी कर लोगों को गुमराह करते हैं बताते हैं की नहरों में पानी दौड़ रहा हैं जबकि हकीकत कुछ और बयां करती हैं।
क्षेत्रीय किसान में मंजूर पुष्पराज सिंह,विनोद त्रिपाठी,ज्ञान सिंह, छोटू सिंह, गांधी सिंह, छेदू निषाद गंगाराम आदि लोगों का कहना है कि यह नहर में पानी पूर्व में जब जनता दल की सरकार रही तब से आज तक इस माइनर में पानी के दर्शन तक नहीं हुए हैं। सिंचाई का कार्य निजी ट्यूवेब से किया जा रहा हैं किसानों को महंगे दाम पर सिंचाई करनी पड़ रहीं हैं मजबूरी में इन साधनों से पानी लिया जाता हैं। किसानों यह भी बताया की गेहूं की फ़सल की बुवाई में देर हो रहीं हैं लेकिन अब कोई रास्ता न होने कारण प्राइवेट ट्यूबवेलों से सिंचाई करने के लिए बहुत लम्बी दुरी तक पाइप के सहारे पानी खेत तक ले जाना पड़ता हैं जिससे दिक्क़तों का सामना करना पड़ता हैं। तथा सिंचाई अधिक होने के कारण लागत भी बढ़ जाती हैं जिससे किसानों को अच्छी खासी चपत बैठ जाती हैं।
नहर में पानी न होने को लेकर नहर अभियंता विकास ने बताया की ऊपर से पानी न छोड़ने की वजह से क्षेत्र की हर नहर लगभग सूखी पड़ी हैं। इसी हफ्ते हर नहर में पानी छोड़ा जाएगा बहुत जल्द किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।

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