पंजाब में पेट्रोल-डीजल महंगा, बिजली बिल पर जनता को लगा करंट

Petrol and diesel become costly in Punjab, people get shocked due to electricity bill

चंडीगढ़/एजेंसी। भगवंत मान सरकार ने पंजाब के लोगों को बड़ा झटका दिया है। पंजाब में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। वहीं पंजाब मंत्रिमंडल ने उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती करने के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के फैसले को गुरुवार को वापस ले लिया। इससे प्रदेश की जनता को दोहरा झटका लगा है। हालांकि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के लिए प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी।
पंजाब सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) बढ़ाने को मंजूरी दे दी। पेट्रोल पर वैट 61 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 92 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया है। इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने का फैसला लिया गया है। चीमा ने कहा कि ईंधन पर वैट में बढ़ोतरी से डीजल से 395 करोड़ रुपये और पेट्रोल से 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।सब्सिडी वाले बिजली शुल्क फैसले को वापस लिया
पंजाब मंत्रिमंडल ने उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती करने के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के फैसले को वापस ले लिया। इस कदम से राज्य सरकार के खजाने में प्रतिवर्ष 1,500-1,800 करोड़ रुपये का इजाफा होने की उम्मीद है। नवंबर 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी नीत सरकार ने सात किलोवाट तक के ‘कनेक्टेड लोड’ वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती की थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पिछली सरकार के फैसले को वापस लेने का निर्णय किया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चीमा ने पत्रकारों से कहा कि पिछली सरकार ने सात किलोवाट तक लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट की कटौती की थी। उन्होंने कहा कि हम उस फैसले को आज वापस लेते हैं। 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना रहेगी जारीमंत्री ने कहा कि हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से शुरू की गई 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी। इस निर्णय को वापस लेने से राज्य सरकार को होने वाली आय के बारे में पूछे जाने पर चीमा ने कहा कि इससे 1,500-1,800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

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