फिल्मी अंदाज में 5 करोड़ कैश लूट मामले में क्यों चुप्पी साध रखी है पुलिस, हवाला कारोबार से जुड़ है मामला!

गिरिडीह,(झारखंड)। गिरिडीह जिले के जमुआ थाना इलाके में एक बड़ी लूट ने पुलिस की नींद हराम कर दी है। पूरी घटना को फिल्मी तरीके से अंजाम दिया गया है। लूट पांच करोड़ की है और घटना कुछ दिन पहले की है। इस घटना को लेकर पुलिस ने चुप्पी साध कर छानबीन में जुटी है। अभी भी पुलिस कुछ बताने से परहेज कर रही है। मामला करोड़ो का है तो ऐसे में इसकी सत्यता भी पता कर रही है। हालांकि इस मामले में गुजरात के पाटन जिला अंतर्गत सांतलपुर निवासी मयूर सिंह जडेजा के आवेदन पर एफआइआर दर्ज कर ली गई है। कांड के अनुसंधान का जिम्मा अवर निरीक्षक नितेश कुमार पाण्डेय को दिया गया है। इनके अलावा खोरीमहुआ एसडीपीओ मुकेश महतो, जमुआ थाना प्रभारी पप्पू कुमार के साथ कई अधिकारी भी जांच में जुटे हुए हैं। 10 दिनों के अंदर जमुआ-देवघर, जमुआ-कोडरमा, जमुआ-गिरिडीह पथ के सभी सीसीटीवी को चेक किया गया है। गिरिडीह शहर के सीसीटीवी फुटेज को भी चेक किया गया।
चार पहिया वाहन पर सवार अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम
इस घटना को लेकर जमुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस प्राथमिकी में गुजरात निवासी मयूर सिंह ने बताया है कि वह गुजरात में बतौर टेक्निशियन काम करता है। एक दिन उसका परिचित गोविन्द सिंह सोलंकी मिला और बेहतर काम दिलवाने का भरोसा दिलवाया। गोविन्द ने उसे गुजरात से दिल्ली फिर दिल्ली से कानपुर जाने को कहा। वह कानपुर पहुंचा तो यहां करण भाई नामक व्यक्ति ने उसे रिसीव किया। वहां पर तीन दिन रुकने के बाद गुजरात के ही जगत सिंह जडेजा ऊर्फ जगत भाई एक कार लेकर आए। उन्हें उस गाड़ी में बैठाकर पटना स्थित डीवाई कंपनी ले आया। यहां पर बताया गया कि इस गाड़ी से पांच करोड़ रुपया लेकर कोलकाता जाना है। रुपया को गाड़ी के अंदर बने एक बॉक्स में रख दिया गया। 20 जून की शाम 8-9 बजे के बीच कोलकाता के लिए वह निकल गया। 21 जून की रात लगभग 1.30 बजे वे लोग जमुआ थाना इलाके के टीकामगहा पहुंचे। जहां पेट्रोल पंप में तेल भरवाया। इसके बाद अभी आगे बढे थे कि बाटी गांव के पास ओवरटेक कर एक स्कार्पियो ने उसकी गाड़ी को रुकवाया। स्कार्पियो से पांच आदमी उतरे और उसके वाहन का दरवाजा खुलवाया। वाहन का चाबी निकाल लिया। इसके बाद उसे तथा जगत सिंह संग मारपीट कर दोनों को स्कार्पियो वाहन पर बैठा लिया गया। यहां के बाद उनके वाहन को अपराधियों में से ही एक व्यक्ति चलाने लगा. जबकि दोनों का मोबाइल लेकर स्कार्पियो को कच्ची रास्ता में ले गया। थोड़ी देर बाद अपराधियों ने उन्हें स्कार्पियो से भी उतार दिया। जिसके बाद अपराधी वाहन लेकर चले गए। इसके बाद दोनों पैदल ही भटकते-भटकते सुबह पांच बजे पक्की सड़क पर पहुंचे। जहां पर एक होटल के पास उन्हें अपना वाहन दिखा। लेकिन जब वे अपने साथी के साथ वाहन के समीप पहुंचे तो देखा कि गाड़ी के अंदर बना बॉक्स टूटा हुआ है और पांच करोड़ गायब है। पीड़ित का कहना है कि जिस वाहन पर आये अपराधियों ने लूट की है उस वाहन का नंबर बीआर – 7230 लिखा हुआ था।
नड्डा की सुरक्षा व्यवस्था में जुटी थी पुलिस इधर हो गया कांड
घटना 21 जून की है। जबकि 22 जून को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का गिरिडीह में कार्यक्रम था। जिला पुलिस जेपी नड्डा की सुरक्षा में लगी थी तो दूसरी तरफ अपराधियों ने पांच करोड़ पर हाथ साफ कर लिया। अब पुलिस इस घटना की सत्यता की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कानून को ताक पर रखकर इतनी मोटी रकम को एक कार से क्यूं भेजा जा रहा था। इतनी मोटी रकम को पटना से कोलकाता भेजने के पीछे की वजह क्या थी। पुलिस हवाला से भी इसे जोड़कर जांच कर रही है।

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