जनसेवा केंद्र की आड़ में बने पासपोर्ट होगे निरस्त, पुलिस ने रिपोर्ट भेजने को लिया फैसला
Passports made under the guise of Jan Seva Kendra will be cancelled, police decided to send a report

- ग्रेटर नोएडा में जनसेवा केंद्रों की आड़ में बनवाए गए 100 पासपोर्ट
- पुलिस ने जनसेवा केंद्रों में बनवाए गए पासपोर्ट की शुरू की जांच
- बिसरख पुलिस की ओर से 7 गिरफ्तारी के बाद खुला है पूरा मामला
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फर्जी तरीके से जनसेवा केंद्रों पर पासपोर्ट बनवाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जनसेवा केंद्र की आड़ में चल रहे फर्जी दस्तावेजों और नोटरी का गलत इस्तेमाल करके 100 से अधिक पासपोर्ट बनाए गए थे। अब यह पासपोर्ट निरस्त होंगे। इसकी रिपोर्ट पासपोर्ट ऑफिस को भी भेज दी गई है। यहां तक कि पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किसी बड़े बदमाश या संदिग्ध व्यक्ति का पासपोर्ट तो यहां से नहीं बनाया गया। इसका वह लाभ उठाकर पुलिस से बचने के लिए वह विदेश तो नहीं भाग गया है। यहां तक कि जिन लोगों ने इन पासपोर्ट से यात्रा की है ऐसे लोगों से भी पुलिस पूछताछ करेगी।दरअसल, बिसरख थाना पुलिस ने शुक्रवार को तत्काल पासपोर्ट बनाने वाले एक गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें गाजियाबाद पासपोर्ट ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सात दिन के अंदर 20 हजार रुपये में तत्काल पासपोर्ट बनाकर दे देते थे। यह सब जनसेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था। जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट के महागुन मायवुड्स मार्ट में सचिन जौहरी नाम का व्यक्ति चला रहा था।
इस गैंग का खुलासा अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के रहने वाले दो लोगों की ओर से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पते पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। पुलिस जब इनकी वेरिफिकेशन के लिए पहुंची, फ्लैट मालिक से पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं रहता। पुलिस ने गहनता से जांच की और उनके दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने गैंग के सरगना सचिन जौहरी, विनोद कुमार, संजीद, संदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार गर्ग और वीरेंद्र कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि जिन लोगों को यह पता था कि फर्जी पासपोर्ट बनाए जाते हुआ। उसके बावजूद कुछ लोगों ने पासपोर्ट बनवाए। यह खुलासा आरोपी से पूछताछ में हुआ है। अब ऐसे लोगों पर पुलिस एक्शन लेगी। वही, अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। दूसरी ओर इस गैंग से ओर लोग तो नहीं जुड़े है। इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। आस पास के जन सुविधा केंद्र की भी जांच शुरू कर दी है। अरेस्ट हुए आरोपी ने बताया कि पासपोर्ट में उसकी कई लोगों से सेटिंग थी। पुलिस ने इन आरोपियों की तलाश में जुट गई हुआ। इससे अलग आस पास के पासपोर्ट ऑफिस में काम करने वाले लोगों से भी तो आरोपी के संपर्क नहीं थे इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द इस मामले में कई ओर आरोपियों की अरेस्टिंग हो सकती है।




