मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के फर्जी लेटरहेड से तबादले की कोशिश, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
अलीराजपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार कर आयुष अधिकारी के तबादले का कथित प्रयास किया गया। सीएमएचओ को पत्र मिलने पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर सीहोर निवासी मुकेश को गिरफ्तार किया। उसके पास से फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल मोबाइल और टैबलेट बरामद हुए। पुलिस को अन्य विभागों में भी ऐसे फर्जी पत्र भेजे जाने की जानकारी मिली है और मामले की जांच जारी है।

अलीराजपुर/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेज और सरकारी पत्रों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। अलीराजपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम और कथित फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर एक अधिकारी का तबादला कराने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर के पास मुख्यमंत्री के नाम से जारी एक पत्र पहुंचा। पत्र में आयुष अधिकारी निर्मला निगवाल का तबादला उदयगढ़ से सोंडवा किए जाने का आदेश बताया गया था।
पत्र की भाषा और प्रारूप को लेकर संदेह होने पर सीएमएचओ ने सतर्कता बरतते हुए इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी मुकेश, पिता रामसिंह भोंसले, निवासी श्यामापुरा, सीहोर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से फर्जी पत्र तैयार करने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और टैबलेट भी बरामद किए गए हैं।
अलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी ने विद्युत विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग को भी इसी तरह के कथित फर्जी पत्र भेजे थे। पुलिस अब इन मामलों की भी गहनता से जांच कर रही है।
फर्जी लेटरहेड और सरकारी आदेश के इस्तेमाल से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर किसी अधिकारी या विभागीय निर्णय को प्रभावित करने का प्रयास गंभीर अपराध है।
मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पत्र तैयार करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और इस पूरे प्रकरण में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



