साइबर ठगी का गढ़ बना कानपुर! ड्रोन से निगरानी कर 6 घंटे में 20 शातिर किए गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने रेउना गांव में कार्डन एंड सर्च अभियान चलाकर 19 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह म्यूल अकाउंट्स और सरकारी योजनाओं के नाम पर देशभर में सैकड़ों लोगों से ठगी करता था।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के खिलाफ सोमवार को पुलिस ने सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। घाटमपुर के रेउना गांव में 70 गाड़ियों से पहुंची 150 पुलिसकर्मियों की टीम ने फिल्मी अंदाज में छापा मारा। ड्रोन कैमरे से निगरानी करते और लाउडहेलर पर चेतावनी देते हुए पूरे गांव को घेर लिया। चारों ओर से घेराबंदी होते ही खेतों और बागों में छिपे साइबर अपराधियों में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने इनमें से 20 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को दबोच लिया। इस बीच, गांव की महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसकी आड़ में 17 आरोपित भाग निकले। गिरफ्तार आरोपितों के पास से 16 एंड्रायड फोन, चार कीपैड फोन, 12 आधारकार्ड और एक एटीएम के साथ 4480 रुपये बरामद हुए हैं।
तमिलनाडु से सीखा ठगी का तरीका
पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि गिरोह के लोग तमिलनाडु से ठगी का तरीका सीखकर आए थे। वे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या पुलिस का डर दिखाकर ठगी करते थे। गिरोह के 40 बैंक खातों में करीब सवा करोड़ की रकम भी मिली है।
रेउना गांव की घेराबंदी के बाद कार्रवाई
शहर में बढ़ते साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के नेतृत्व में अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डा. विपिन ताडा, दक्षिण जोन पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से कार्डन एंड सर्च अभियान चलाकर रेउना गांव की घेराबंदी की और 20 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। वहीं इनके 17 साथी भाग निकले। यह लोग फर्जी सिमकार्ड के जरिए लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना और पुलिस का डर दिखाकर ठगी करते थे। इनके पास से 16 एंड्रायड फोन, चार कीपैड फोन, 12 आधारकार्ड और एक एटीएम के साथ 4480 रुपये बरामद किए हैं। गैंग के लोग तमिलनाडु से ठगी का तरीका सीखकर आए थे।
रेउना पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में सक्रिय गिरोह संगठित तरीके से साइबर ठगी कर रहा है इसके बाद रणनीति बनाकर पहले ड्रोन के जरिए पूरे इलाके की निगरानी कराई गई। जिसके बाद पता चला कि बाग में ये लोग छिपे हुए हैं ड्रोन फुटेज में कई संदिग्ध युवक इधर-उधर भागते और छिपते नजर आए, जिससे उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद भारी पुलिस बल ने गांव को चारों ओर से घेर लिया। लाउडहेलर के माध्यम से आरोपितों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि विरोध करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ समय बाद पुलिस टीमों ने गांव में प्रवेश कर सघन तलाशी अभियान चलाया और अलग-अलग स्थानों से 20 आरोपितों को पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर लोगों को काल करके उनसे ठगी कर रकम आनलाइन खातों में डलवाता था। इसके साथ ही गैंग के लोग भोले-भाले लोगों को फोन करके कहते थे कि वह अपने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देख रहे हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। तभी उनका साथी पुलिस का सायरन बजा देते थे जिससे लोगों को लगता था कि अब उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी। बचने के डर से लोग खातों में आनलाइन रुपये भेज देते थे।
40 बैंक खातों में मिले सवा करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने अब तक सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है। 40 खातों में करीब 1.25 करोड़ रुपये की रकम भी मिली है। कई राज्यों से इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज होने की संभावना है। पुलिस अब इनके नेटवर्क, बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। पकड़े गए साइबर ठगों के 17 साथी मौके से फरार हो गए जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

Kanpur Cyber Thug Arrested

Kanpur Cyber Thug Arrested 1

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