जगतपुरी विस्तार दिल्ली में ब्राह्मण एकता संघ ने धूमधाम से मनाया भगवान परशुराम जन्मोत्सव, समाज में एकता और न्याय का संकल्प

दिल्ली के शाहदरा जिले के जगतपुरी विस्तार स्थित श्री दुर्गा मंदिर में ब्राह्मण एकता संघ ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। समारोह का शुभारंभ पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ, जिसमें समाजसेवी, ब्राह्मण नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। निगम पार्षद चंद्र प्रकाश शर्मा और जीटीबी एनक्लेव थाना अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने परशुराम जी के जीवन दर्शन को अन्याय और अधर्म के खिलाफ साहसपूर्वक खड़े होने की प्रेरणा बताया। इस मौके पर फरसा भेंट कर संघर्ष का संदेश दिया गया। 

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली के शाहदरा जिले के जगतपुरी विस्तार स्थित श्री दुर्गा मंदिर में ब्राह्मण एकता संघ द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, ब्राह्मण नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ भगवान परशुराम को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
राम नगर निगम पार्षद चंद्र प्रकाश शर्मा, परमानंद शर्मी और संघ के अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जीटीबी एनक्लेव थाना अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने भी पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि परशुराम जी का जीवन दर्शन हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध साहसपूर्वक खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि परशुराम जी का जीवन साहस, ज्ञान, त्याग और न्याय का अद्वितीय संगम है, जिसे समाज को आत्मसात करना चाहिए।
समारोह में अरविंद तिवारी, तालेवर पाठक, राजीव गौड़, राहुल दत्ता, श्याम भारद्वाज, पंडित सचिन, भाई ओमवीर सहित ब्राह्मण समाज के अनेक लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर ब्राह्मण एकता संघ ने निगम पार्षद चंद्र प्रकाश शर्मा और थाना अध्यक्ष बृजेश मिश्रा को फरसा भेंट कर अन्याय के खिलाफ संघर्षरत रहने का संदेश दिया।
संघ ने इस अवसर पर समाज को संदेश दिया कि सभी संकल्प लें कि ब्राह्मण समाज का कहीं भी अपमान नहीं होने देंगे। आयोजकों ने कहा कि ब्राह्मण समाज को समाज का आईना माना जाता है और उसकी गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान परशुराम जी के आदर्शों और उनके जीवन संदेशों को जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि परशुराम जी के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में न्याय, साहस और धर्मनिष्ठा को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया बल्कि सामाजिक एकता और संगठनात्मक शक्ति का भी सशक्त संदेश दिया। आयोजकों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता, एकता और सांस्कृतिक चेतना का निरंतर संवर्धन किया जाएगा।

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